सरगुजा में मानसून आने में अब बहुत कम समय बचा है और किसान खरीफ सीजन की खेती की तैयारियों में जोर-शोर से जुट गए हैं। लेकिन खाद और डीजल की किल्लत ने उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें न तो बाजार और सोसायटियों से खाद मिल पा रहा है और न ही खेती के लिए डीजल। पेट्रोल पंप संचालक एसडीएम (SDM) के हस्ताक्षरित आदेश की मांग कर रहे हैं, जिससे किसान बेहद परेशान हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर आज कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के समक्ष जोरदार नारेबाजी की।
📢 किसान हित में कांग्रेस का प्रदर्शन
किसान कांग्रेस ने सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर किसानों की दिक्कतों के समाधान की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों को तत्काल राहत नहीं मिली, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
“किसानों को गैलन में तेल नहीं मिल रहा है, जिससे खेती-किसानी ठप है। खाद की लिमिट भी शासन ने तय कर दी है, जो किसानों की जरूरत के हिसाब से बहुत कम है। अधिकांश किसान कम पढ़े-लिखे हैं, ऐसे में वे बार-बार एसडीएम दफ्तर के चक्कर कैसे काटेंगे?” — नुरूल सिद्दीकी, कांग्रेस नेता
🚜 कांग्रेस नेताओं का आरोप
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दुर्गेश गुप्ता ने कहा, “हमने कलेक्टर से मांग की है कि डीजल लेने के लिए एसडीएम की अनुमति की अनिवार्यता को समाप्त कर सरल व्यवस्था बनाई जाए। गांव के सरपंच या सचिव के माध्यम से इसे प्रमाणित किया जा सकता है, ताकि अनपढ़ किसानों को कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें।”
⚠️ व्यवस्था में सुधार की मांग
कांग्रेस का कहना है कि सोसायटियों में यूरिया और इफ्को खाद का स्टॉक न के बराबर है। अगर शासन ने समय रहते खाद और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की, तो खरीफ सीजन की खेती पर इसका व्यापक असर पड़ेगा। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की इन बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र संघर्ष करेंगे।
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