Supaul News: सुपौल में सफाई व्यवस्था ठप, धरने पर बैठे नगर परिषद के कर्मचारी; कूड़े के ढेर में तब्दील हुआ शहर, हाहाकार

बिहार

सुपौल में सदर थाना पुलिस की कथित दबंगई के विरोध में सोमवार सुबह से नगर परिषद के सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. सफाईकर्मियों के काम बंद करने से शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है और कई इलाकों में कचरे का अंबार लगने लगा है. मामला शहर के वार्ड नंबर 22 से जुड़ा बताया जा रहा है.

रविवार को वार्ड में नाला खुदाई का काम चल रहा था. इसी दौरान आरोप है कि अबू बकर नामक युवक ने वहां काम कर रहे जेसीबी चालक के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया. घटना के बाद नगर परिषद के कर्मचारी शिकायत दर्ज कराने के लिए एसटी-एससी थाना पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि वहां से उन्हें सदर थाना सुपौल भेज दिया गया. कर्मचारियों का कहना है कि सदर थाना में भी उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई, जिससे आक्रोशित होकर उन्होंने थाना गेट के सामने कचरा फेंककर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की.

घर पर छापेमारी और मारपीट के आरोप

सफाईकर्मियों का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने नगर परिषद के क्लर्क असजद आलम के घर पर छापेमारी की. असजद आलम लोकल बॉडीज संगठन के महासचिव भी हैं. कर्मचारियों का कहना है कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने नगर परिषद कर्मियों के साथ मारपीट की और 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मामला बढ़ने के बाद सोमवार करीब 11:30 बजे सभी कर्मचारियों से बांड भरवाकर छोड़ दिया गया.

चोट के निशान देख भड़के कर्मचारी

जब सभी कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय पहुंचे तो उनके शरीर और चेहरे पर चोट के निशान देखकर मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा समेत अन्य कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया. इसके बाद सभी सफाईकर्मियों ने एकजुट होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी.

थानाध्यक्ष सहित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

सफाईकर्मियों का कहना है कि जब तक सदर थानाध्यक्ष और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक नगर परिषद का कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा. हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है और कई जगहों पर कचरे जमा होने लगे हैं.

वहीं सदर अस्पताल के डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि घायल कर्मचारियों का इलाज किया गया है और उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं. सफाईकर्मियों ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से सदर थानाध्यक्ष और एक सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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