चंडीगढ़: हरियाणा की मंडियों में सूरजमुखी की खरीद को लेकर सरकार और आढ़ती आमने-सामने हैं। आढ़ती सूरजमुखी की खरीद के लिए ढाई प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं, लेकिन खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने स्पष्ट कर दिया है कि कमीशन में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि पिछली बार की तरह इस बार भी 1 प्रतिशत कमीशन (लगभग 70 रुपये प्रति क्विंटल) पर ही खरीद सुनिश्चित की जाए।
💰 किसानों को मिला बड़ा तोहफा, MSP में ₹441 की बढ़ोतरी
राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए सूरजमुखी का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 7721 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। पिछली बार यह 7280 रुपये था, यानी इस बार किसानों को सीधे तौर पर प्रति क्विंटल 441 रुपये का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि वे किसानों को बेहतर दाम देने और सुचारू खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
📊 मंडियों में खरीद की स्थिति
सरकारी सख्ती के बाद खरीद केंद्रों पर आवक शुरू हो गई है। अब तक 4 जिलों की 13 मंडियों में 1320.30 मीट्रिक टन (MT) सूरजमुखी पहुंच चुकी है।
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अंबाला: 323.19 MT
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कुरुक्षेत्र: 505.87 MT
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पंचकूला: 473.60 MT
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यमुनानगर: 17.73 MT पंचकूला की बरवाला मंडी में खरीद शुरू हो चुकी है, जबकि कुरुक्षेत्र सहित अन्य मंडियों में आढ़तियों के विरोध के चलते प्रक्रिया प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।
⚖️ आढ़तियों का पक्ष: “खर्च निकालना हुआ मुश्किल”
हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राम अवतार तायल का कहना है कि 1 प्रतिशत कमीशन (70 रुपये) में मजदूरी और मंडी के अन्य खर्च निकालना असंभव है। उनका मानना है कि यदि कमीशन ढाई प्रतिशत (182 रुपये प्रति क्विंटल) किया जाता है, तो ही खरीद संभव हो पाएगी। फिलहाल, सरकार के कड़े रुख के बाद अब देखना यह होगा कि आढ़ती इस पर क्या फैसला लेते हैं और किसानों को मंडियों में और कितनी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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