रविवार शाम उत्तरी जापान में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके बाद कई और झटके महसूस किए गए. जापान की मौसम एजेंसी के मुताबिक, इस भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. एजेंसी ने बताया कि यह भूकंप इवाते प्रीफेक्चर (Iwate Prefecture) के तट से सागर में लगभग 10 किमी की गहराई पर आया. अब तक किसी नुकसान या क्षेत्र में मौजूद दो परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी गड़बड़ी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.
भूकंप के तुरंत बाद एजेंसी ने चेतावनी दी कि उत्तरी तटीय इलाकों में 1 मीटर (3 फीट) तक ऊंची सुनामी की लहरें आ सकती हैं. यह चेतावनी भूकंप आने के एक घंटे बाद तक लागू रही. जापान के पब्लिक ब्रॉडकास्टर NHK ने लोगों से अपील की कि वे तटीय क्षेत्रों से दूर रहें, क्योंकि किसी भी समय सुनामी की लहरें आ सकती हैं. साथ ही NHK ने यह भी चेतावनी दी कि क्षेत्र में और झटके आ सकते हैं.
बुलेट ट्रेनें देरी से चलीं
NHK की रिपोर्ट के अनुसार, इवाते प्रीफेक्चर के ओफुनातो शहर और ओमिनातो बंदरगाह (में लगभग 10 सेंटीमीटर (4 इंच) ऊंची सुनामी की लहरें दर्ज की गईं. भूकंप के कारण इस क्षेत्र में चलने वाली बुलेट ट्रेनें कुछ समय के लिए देरी से चलीं, यह जानकारी JR East रेलवे ऑपरेटर ने दी. कुछ इलाकों में बिजली सप्लाई भी बाधित हुई.
जापान में भूकंप क्यों आते हैं
जापान दुनिया के उन देशों में से एक है, जां सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं. यह देश प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर पर स्थित है. यह वह क्षेत्र है जहां पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं, जिससे बार-बार भूकंप आते हैं.
इसी क्षेत्र में मार्च 2011 में भयंकर भूकंप और सुनामी आई थी, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे और बड़े सतबाही हुई थी. हालांकि इस बार अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
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