ग्वालियर। मध्य प्रदेश के स्कूलों में इस बार बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त और निगरानी आधारित नियम लागू कर दिया है। अब जिले के सभी हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों के शिक्षक प्रतिदिन अपनी शैक्षणिक प्रगति की रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को सौंपेंगे।
क्या देना होगा रिपोर्ट में:
कितने पाठ पढ़ाए गए
किन अध्यायों की पुनरावृत्ति हुई
कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त प्रयास
प्री-बोर्ड की तैयारी किस स्तर पर है
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
प्री-बोर्ड परीक्षा: 5 जनवरी के बाद
बोर्ड परीक्षा: फरवरी
लापरवाही की सजा:
DEO कार्यालय में रोज रिपोर्ट की समीक्षा
तैयारी कमजोर पाए जाने पर विशेष मॉनिटरिंग और अतिरिक्त कक्षाएं
लापरवाही करने वाले शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई
इस व्यवस्था का मकसद है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई में नियमितता आए और शिक्षक पूरा फोकस कमजोर और औसत छात्रों पर रखें, ताकि वे प्री-बोर्ड और बोर्ड दोनों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
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