रांचीः झारखंड की सड़कों पर अब वाहनों की रफ्तार पर सख्ती होने जा रही है. राज्य सरकार जल्द ही अलग–अलग श्रेणी की सड़कों के लिए अधिकतम गति सीमा तय करेगी, ताकि सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके.
क्या है इसके पीछे का कारण
सड़क हादसों में होने वाली मौतों और विभिन्न तरह के हादसों के ऊपर ब्रेक लगाने के लिए झारखंड में एक नई पहल शुरू की गई है. अब झारखंड की विभिन्न सड़कों का मूल्यांकन किया जा रहा है और उसके बाद यह तय किया जाएगा कि सड़क पर वाहनों की स्पीड कितनी होगी. पुलिस मुख्यालय के सड़क सुरक्षा कोषांग ने सभी जिलों से राष्ट्रीय, राज्य, जिला एवं शहरी सड़कों की वर्तमान स्थिति और यातायात दबाव से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक सड़क पर कार, बस, ट्रक और दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग गति सीमा निर्धारित की जाएगी.
कई जिलों को रिमाइंडर भेजा गया
पुलिस मुख्यालय के सड़क सुरक्षा कोषांग ने इस संबंध में फॉर्मेट बनाकर सभी जिलों को भेज दिया है लेकिन कई जिले अभी तक इस पर काम पूरा नहीं कर पाए हैं. बहुत से जिले अभी तक रिपोर्ट नहीं भेज पाए हैं, जिस पर संबंधित अधिकारियों को रिमाइंडर भेजा गया है. आपको बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 183 में संशोधन के बाद गति सीमा उल्लंघन पर अधिक जुर्माना और लाइसेंस निलंबन का प्रावधान है. नई सीमा तय होने के बाद इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा, ताकि लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके.
बड़ी सड़कों की निगरानी होगी
पुलिस मुख्यालय की सड़क सुरक्षा कोषांग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य की प्रमुख सड़कें जैसे स्टेट हाइवे, रिंग रोड और बड़े जिले की सड़कों पर विशेष निगरानी की योजना बनाई गई है. सड़क सुरक्षा कोषांग का मानना है कि तय गति सीमा और कड़ाई से लागू नियमों के बाद राज्य में दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आ सकती है.
अधिकारियों के अनुसार, गति सीमा तय होने के बाद बड़े स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिससे वाहन चालक नई व्यवस्थाओं से पूरी तरह अवगत हो सकें और सुरक्षित यातायात विकसित हो.
