सोनभद्र (उत्तर प्रदेश): शक्तिनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीना कॉलोनी में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) के वरिष्ठ ओवरमैन 42 वर्षीय रमाशंकर मिश्रा की संदिग्ध मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है।
प्राथमिक जांच में जिसे सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, वह वास्तव में अवैध प्रेम प्रसंग के चलते सुनियोजित तरीके से किया गया हत्याकांड निकला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी प्रियंका, उसके प्रेमी विकास चौहान तथा वारदात में सहयोग करने वाले अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।
⏱️ 2 घंटे पहले घर पहुंचना बना मौत का कारण: आपत्ति जताने पर हुआ विवाद
घटनाक्रम और विवाद की मुख्य वजह:
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समय से पहले वापसी: पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 22 अगस्त को रमाशंकर की ट्रेनिंग चल रही थी। वे सामान्यतः रोजाना शाम करीब 5 बजे घर पहुंचते थे, लेकिन उस दिन वे दोपहर करीब 3 बजे ही घर लौट आए।
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आपत्तिजनक स्थिति में देखा: घर पहुंचते ही उन्होंने अपनी पत्नी प्रियंका को प्रेमी विकास चौहान के साथ देख लिया। इस पर रमाशंकर ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखा विवाद शुरू हो गया।
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आरोपी पत्नी का चौंकाने वाला बयान: पूछताछ के दौरान आरोपी पत्नी ने कहा कि यदि रमाशंकर रोज की तरह शाम 5 बजे घर आते, तो यह विवाद नहीं होता और उनकी जान बच जाती।
🔪 गला दबाकर हत्या, फिर सिर पर किया वार: सड़क हादसे का रूप देने की थी साजिश
वारदात को अंजाम देने का तरीका:
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गला दबाकर ली जान: विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने रमाशंकर की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद सुनिश्चित करने के लिए उनके सिर पर भी गंभीर प्रहार किए गए।
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दोस्तों को बुलाया: हत्या के बाद प्रेमी विकास चौहान ने साक्ष्य छिपाने और शव को ठिकाने लगाने के लिए अपने दो साथियों अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता को मौके पर बुलाया।
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हादसा दिखाने का षड्यंत्र: आरोपियों ने पूरी घटना को सड़क हादसे का रूप देने की योजना बनाई, ताकि पुलिस की जांच को भटकाया जा सके।
🛣️ चादर और गमछे में लपेटकर फेंका शव: बीना स्टेडियम मार्ग पर मिला था कंकाल
शव की बरामदगी और संदेह की शुरुआत:
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सड़क किनारे फेंका शव: चारों आरोपियों ने रमाशंकर के शव को चादर और गमछे में लपेटा और देर रात बीना स्टेडियम-जमशीला मार्ग के किनारे सुनसान जगह पर फेंक दिया।
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23 अगस्त को बरामदगी: अगली सुबह 23 अगस्त को पुलिस ने लावारिस शव बरामद किया।
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संदेह के घेरे में परिस्थितियां: शव पर मौजूद चोटों के निशान और घटनास्थल की स्थिति ने शुरुआत से ही पुलिस और परिजनों के मन में दुर्घटना के बजाय हत्या का गहरा संदेह पैदा कर दिया था।
📱 कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन से खुला राज: क्षेत्राधिकारी ने की पुष्टि
वैज्ञानिक जांच और पुलिस का एक्शन:
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परिजनों की तहरीर: 27 अगस्त को परिजनों ने औपचारिक तौर पर हत्या की आशंका जताते हुए शक्तिनगर थाने में तहरीर दी। परिजनों ने बताया कि जिस मार्ग पर शव मिला, वह रमाशंकर का सामान्य आवागमन का रास्ता नहीं था।
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तकनीकी साक्ष्य: पुलिस ने तत्काल मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का मिलान किया, जिससे प्रियंका और विकास के बीच लगातार बातचीत और घटना के समय सभी संदिग्धों की मौजूदगी साबित हो गई।
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सीओ हर्ष पांडेय का बयान: क्षेत्राधिकारी (CO) हर्ष पांडेय ने बताया कि पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों की सीधी संलिप्तता प्रमाणित हुई, जिसके बाद सभी को जेल भेजा जा रहा है।
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