सीतापुर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रक्षा भूमि के उपयोग को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यहां देश का पहला बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएगा। लगभग 850 एकड़ खाली रक्षा भूमि पर बनने वाला यह 250 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट, ‘बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम’ (BESS) के साथ मिलकर रक्षा प्रतिष्ठानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा।
⚡ ऊर्जा सुरक्षा और लागत में बचत
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सेना और रक्षा प्रतिष्ठानों की पारंपरिक बिजली पर निर्भरता को कम करना है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा के उपयोग से न केवल रक्षा संस्थानों की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि बिजली खरीद पर होने वाले सरकारी खर्च में भी भारी बचत होगी। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
🏗️ NTPC करेगी परियोजना का क्रियान्वयन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विकसित करने की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी NTPC को दी गई है। एनटीपीसी प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से इसे लागू करेगी ताकि रक्षा प्रतिष्ठानों को सबसे किफायती दरों पर बिजली मिल सके। इस कार्य में रक्षा मंत्रालय, भारतीय सेना और रक्षा संपदा महानिदेशालय (DGDE) का संयुक्त सहयोग रहेगा।
🚀 भविष्य की परियोजनाओं के लिए बनेगा ‘मॉडल’
सीतापुर सोलर प्रोजेक्ट केवल एक संयंत्र नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक ‘मॉडल’ है। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में देश भर की रक्षा भूमि पर सौर और ऊर्जा भंडारण संयंत्रों की स्थापना के लिए एक ब्लूप्रिंट का काम करेगी। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी नवाचार का एक अनूठा संगम है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
