रायपुर: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान, किसान और एसआईआर कार्रवाई को लेकर एक बार फिर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. बघेल ने कहा कि बेटे के जेल जाने के बाद वे खुद खेती कर रहे हैं. इसलिए मैं प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को चुनौती देता हूं कि वे मेरे खेत आकर धान का उत्पादन देखें.
“बीएलओ पर कार्रवाई गलत”
भूपेश बघेल ने एसआईआर के मुद्दे पर बीएलओ पर हो रही कार्रवाई को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि बीएलओ पर नहीं बल्कि एसडीएम-कलेक्टर पर कार्रवाई की मांग की है.
“चीफ सेक्रेटरी साहब खेत आएं, 40 क्विंटल दिखा दूंगा”
मीडिया से चर्चा में भूपेश बघेल ने धान के उत्पादन को दिखाने की बात कही है. उन्होंने कहा कि एक एकड़ में 37 से 40 क्विंटल धान की पैदावार हो रही है. अगर विश्वास नहीं है तो चीफ सेक्रेटरी खुद उनके खेत आएं, कटाई जारी है. धान का उत्पादन हार्वेस्टर में नाप कर देख लें. भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्य सचिव 10 साल प्रदेश से बाहर रहे, इसलिए उन्हें छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी का अंदाजा नहीं है.
“मैं खुद कर रहा हूं खेती”
भूपेश बघेल ने आगे कहा कि पहले उनके बेटे खेती संभालते थे, लेकिन जेल भेजे जाने के बाद वे खुद खेतों में जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 27-28 क्विंटल से कम कहीं भी धान का उत्पादन नहीं है, लेकिन सरकार अनावरी रिपोर्ट फर्जी बनाकर कटौती कराने की साजिश कर रही है.
“SIR में बीएलओ पर नहीं कलेक्टर और एसडीएम पर कार्रवाई हो”
एसआईआर केस को लेकर बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कार्रवाई बीएलओ पर नहीं बल्कि एसडीएम और कलेक्टर पर होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बीएलओ कम वेतन पाते है. उन्हें धमकाना अन्याय है. उन्होंने पूछा कि “किसी IAS अधिकारी को सस्पेंड क्यों नहीं करते? क्योंकि ज्ञानेश कुमार खुद IAS हैं”
बघेल का आरोप, धान कटौती की तैयारी में सरकार
बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार रकबा काट रही है, खरीदी घटा रही है और अनावरी रिपोर्ट टांगकर किसानों के साथ धोखा कर रही है. भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले 10 सालों में धान उत्पादन कई गुना बढ़ा है, लेकिन सरकार इसे मानने को तैयार नहीं.
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