Singrauli Crime News: रिश्वतखोर बाबू की करतूत बेनकाब, रीवा लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार

मध्य प्रदेश

सिंगरौली। मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी का एक और शर्मनाक मामला सिंगरौली जिले से सामने आया है, जहां सिंचाई विभाग में पदस्थ एक बाबू ने इंसानियत की सभी हदें पार कर दीं। आरोप है कि एक रिश्वतखोर बाबू ने अपने ही कार्यालय में काम करने वाले एक दिवंगत (मृत) सहकर्मी के बीमा क्लेम की राशि जारी करवाने के एवज में उसके गरीब परिजनों से रिश्वत की मांग की थी। मृतक का बेटा अपनी लाचारी और गरीबी का रोना रोता रहा, लेकिन बाबू का दिल नहीं पसीजा और उसने बिना घूस के फाइल आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया। आखिरकार पीड़ित की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस रीवा ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए भ्रष्ट बाबू को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।

📝 दिवंगत पिता के बीमा क्लेम के लिए चक्कर काट रहा था बेटा: लोकायुक्त से की थी शिकायत

जानकारी के मुताबिक, सिंगरौली जिले के सिंचाई विभाग में दिनेश कुमार श्रीवास्तव बड़े बाबू के पद पर कार्यरत हैं। कार्यालय में काम करने वाले एक कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके बेटे रंजन साकेत को बीमा क्लेम की राशि मिलनी थी। इस फाइल को आगे बढ़ाने के लिए बाबू दिनेश कुमार श्रीवास्तव लगातार 4,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। गरीबी और तंगहाली से जूझ रहे रंजन साकेत बार-बार दफ्तर के चक्कर काटकर थक चुके थे, जिसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत रीवा लोकायुक्त पुलिस से कर दी।

💸 वैढन के पास ऑनलाइन कैफे पर दबोचा गया आरोपी: लोकायुक्त टीम की कार्रवाई जारी

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त रीवा की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। गुरुवार को लोकायुक्त की टीम सिंगरौली पहुंची और वैढन के पास स्थित एक ऑनलाइन कैफे के पास बैठ गई। जैसे ही आरोपी बाबू दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने शिकायतकर्ता से 4,000 रुपये की नगद रिश्वत ली, वैसे ही सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे धर दबोचा। लोकायुक्त रीवा के इंस्पेक्टर नरेश बेहरा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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