मुंबई (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपनी ही पार्टी के चार प्रमुख मंत्रियों की कार्यशैली और ढुलमुल रवैये को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयोजित हुई प्री-कैबिनेट बैठक के दौरान एकनाथ शिंदे ने मंत्री संजय राठोड़, गुलाबराव पाटिल, संजय शिरसाट और आशीष जायसवाल के प्रदर्शन पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। शिंदे ने मंत्रियों को दो टूक शब्दों में स्पष्ट संदेश दिया कि केवल मंत्रालय (मंत्रालया) में बैठकर विभागीय फाइलें निपटाना पर्याप्त नहीं है; उन्हें अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना होगा और पार्टी संगठन को मजबूती प्रदान करनी होगी।
💼 “मंत्रालय के साथ-साथ क्षेत्र की जनता को दें प्राथमिकता”: शिंदे ने मंत्रियों को याद दिलाई दोहरी जिम्मेदारी
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंत्रियों को उनकी संवैधानिक एवं राजनीतिक जिम्मेदारियों का अहसास कराया।
उन्होंने कहा कि सरकार में अपने विभागों के काम को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के साथ-साथ विधानसभा क्षेत्रों के आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं की समस्याओं का त्वरित निवारण करना उनका प्राथमिक कर्तव्य है। सूत्रों का दावा है कि कुछ मंत्रियों द्वारा अपने क्षेत्रों में पर्याप्त समय न देने, आम कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने और पार्टी संगठन से दूरी बनाए रखने की शिकायतों के बाद एकनाथ शिंदे ने यह सख्त रुख अख्तियार किया है।
🗺️ विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र में संगठन विस्तार पर जोर, समन्वय बढ़ाने के निर्देश
प्री-कैबिनेट बैठक में राज्य के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में शिवसेना के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर भी विस्तृत मंथन हुआ।
विशेष रूप से विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र और पश्चिम महाराष्ट्र के क्षेत्रों में पार्टी की पैठ गहरी करने पर जोर दिया गया। शिंदे ने मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने, ब्लॉक व जिला स्तर पर संवाद बढ़ाने और आगामी राजनीतिक व चुनावी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संगठन को निचले स्तर तक सक्रिय करने के सख्त आदेश दिए।
⚡ क्या महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में होने जा रहा है फेरबदल? कड़े रवैये से राजनीतिक गलियारों में हलचल
सूत्रों का कहना है कि एकनाथ शिंदे ने मंत्रियों को स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि उनके कामकाज, जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता में शीघ्र सुधार नहीं आया, तो आगामी समय में मंत्रिमंडलीय फेरबदल (Cabinet Reshuffle) पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
यद्यपि तुरंत किसी फेरबदल की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, परंतु शिंदे की इस नाराजगी ने सत्ता के गलियारों में हलचल तेज कर दी है और इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों के दृष्टिगत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
🔍 इन 4 प्रमुख मंत्रियों पर बनी हुई है एकनाथ शिंदे की पैनी नजर
विशेष रूप से निम्नलिखित चार मंत्रियों को अपने विभागों और सार्वजनिक छवि में तत्काल सुधार लाने की हिदायत दी गई है:
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संजय राठोड़
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गुलाबराव पाटिल
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संजय शिरसाट
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आ आशीष जायसवाल
सूत्रों के अनुसार, इन चारों नेताओं को विभागीय प्रदर्शन के साथ-साथ जमीनी स्तर पर शिवसेना कार्यकर्ताओं के साथ संवाद पुनर्स्थापित करने का अंतिम अवसर दिया गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शिंदे के इस कड़े रुख के पश्चात ये मंत्री अपनी कार्यशैली में कितना बदलाव लाते हैं और क्या आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की शिंदे-फडणवीस सरकार में कोई बड़ा फेरबदल देखने को मिलता है।
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