विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत के साथ ही देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो जाएगा। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कांवरिया पथ के सुगमीकरण से लेकर धूप-बारिश से बचने के लिए शेड निर्माण और पेयजल जैसी सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। इस बार प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी पहल कर रहा है।
🔐 नई पहल: श्रद्धालुओं के लिए 1300 लॉकर की सुविधा
मंदिर परिसर के बाहर लगभग 1200 से 1300 लॉकर तैयार किए जा रहे हैं। अब श्रद्धालु अपने मोबाइल, पर्स और अन्य जरूरी सामान यहां सुरक्षित रख सकेंगे। श्रद्धालुओं का कहना है कि भारी भीड़ के कारण पहले सामान चोरी होने का डर बना रहता था और निजी दुकानदार अधिक शुल्क वसूलते थे। प्रशासन की यह पहल उन्हें इन समस्याओं से बड़ी राहत देगी। निर्माण कार्य में लगे कर्मियों का कहना है कि मेले की शुरुआत से पहले सभी लॉकर तैयार कर लिए जाएंगे।
🛡️ सुरक्षा और ‘इलेक्ट्रॉनिक गैजेट’ पर नियंत्रण
देवघर के एसडीएम एवं मंदिर प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधा देने के साथ सुरक्षा को अभेद्य बनाना है। हाल ही में मंदिर की दानपेटी से विदेशी नोट मिलने और पड़ोसी जिले में आतंकवादी की गिरफ्तारी जैसे सुरक्षा संबंधी इनपुट्स को देखते हुए एजेंसियां सतर्क हैं। इसी कारण मंदिर के अंदर मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर नियंत्रण रखा जाएगा। अब श्रद्धालु केवल पूजा सामग्री और कांवर के साथ ही मुख्य मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।
💡 प्रशासन की दूरगामी सोच
प्रशासन का यह कदम सुरक्षा के नजरिए से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को मंदिर से दूर रखकर सुरक्षा एजेंसियां मंदिर परिसर की निगरानी को और अधिक प्रभावी बना सकेंगी। अब देखना यह होगा कि श्रावणी मेले के दौरान यह नई लॉकर व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए कितनी सुगम साबित होती है।
संपादकीय टिप्पणी: क्या आपको लगता है कि मंदिर जैसे धार्मिक और संवेदनशील स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर रोक लगाना और सुरक्षित लॉकर की सुविधा देना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है? अपने विचार नीचे साझा करें।
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