सिवनी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बुधवार को आयोजित धान महोत्सव और कोदो-कुटकी बोनस वितरण कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक गर्माहट देखने को मिली। केवलारी से कांग्रेस विधायक रजनीश सिंह ठाकुर और उनके समर्थक मुख्यमंत्री से मिलकर जिले की समस्याओं को अवगत कराना चाहते थे। हालांकि, पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस तथा कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी झड़प हुई।
🚩 भ्रष्टाचार और मुआवजे के मुद्दे पर प्रदर्शन
विधायक रजनीश सिंह ठाकुर का आरोप है कि सिवनी में भ्रष्टाचार चरम पर है और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा किए गए वादे अभी भी अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक तरफ बोनस बांटने की बात कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई किसानों की फसलों का न तो सही सर्वे हुआ है और न ही उन्हें मुआवजा मिला है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता हेलीपैड पर जाकर ज्ञापन सौंपना चाह रहे थे।
🚫 ‘मुख्यमंत्री वापस जाओ’ के नारों से गूंजा इलाका
सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय और अन्य मुख्य रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग कर दी थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन बैरिकेड्स पर चढ़कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और ‘मुख्यमंत्री वापस जाओ’ के नारे लगाते हुए पोस्टर लहराए। प्रशासन का तर्क था कि ज्ञापन वे मुख्यमंत्री तक पहुंचा देंगे, लेकिन विधायक और कांग्रेस कार्यकर्ता स्वयं सीएम से मिलने की अपनी जिद पर अड़े रहे।
👮 गिरफ्तारी के बाद स्थिति नियंत्रण में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बल का प्रयोग किया और विधायक रजनीश सिंह ठाकुर सहित अन्य प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद से सिवनी की राजनीति में गहमागहमी का माहौल है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा और प्रोटोकॉल के चलते प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया गया और फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
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