Sanjay Seth in Bokaro: ‘झूठों के शागिर्द हैं राहुल गांधी’, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने बजट को बताया ऐतिहासिक; विपक्ष पर साधा निशाना

झारखण्ड

बोकारो: जिले के चास में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने केंद्रीय बजट पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र द्वारा लाया गया जनमानस को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जो काफी सराहनीय है. हम 4 ट्रिलियन डॉलर के इकोनॉमी बनकर जापान को पछाड़कर आगे निकल गए हैं. ये बात हम नहीं बल्कि दुनिया कह रही है और आगे 2026 तक 5 ट्रिलियन डॉलर हमारी इकोनॉमी पहुंचाने का लक्ष्य है.

मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है बाजार

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए 3000 करोड़ का एक स्पेशल पैकेज आत्मनिर्भर भारत के लिए लाया गया है. सरकार ने आज तक जीएसटी के रूप में 1,90,000 करोड़ टैक्स कलेक्शन किया है. इसका मतलब साफ है कि बाजार मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है. आज हमारी सरकार हेल्थ सेक्टर में 17 ऐसी दवाइयां कैंसर की जिन पर ड्यूटी जीरो कर दी गई एवं गंभीर बीमारी की दवाइयों पर भी टैक्स काफी कम कर दिया गया. हेल्थ विभाग में भारत बहुत रियायती दौर में माना जाता है.

इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अलग से फंड की व्यवस्था

सड़कों की कनेक्टिविटी भी अच्छी हो रही है. आज हजारों किलोमीटर बॉर्डर की रोड शहरों की सड़क से अच्छी है. बीआरओ ऑर्गेनाइजेशन के लिए विशेष फंड की व्यवस्था की गई है. लगभग 29,000 करोड़ रुपये रक्षा बजट को सुदृढ़ करने के लिए फंड की व्यवस्था की गई है. इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अलग से फंड की व्यवस्था की गई है. बजट के पास होते ही दूसरे दिन से सेंसेक्स में उछाल आ गया. देश के करोड़ों युवाओं को रोजगार देने वाला बजट पेश हुआ है.

केंद्रीय मंत्री ने निशिकांत दुबे का किया बचाव

वहीं पत्रकारों ने जब सदन में उठाए गए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा चरित्रहीन कहना ठीक है क्या? प्रश्न पर सवाल किया तो उन्होंने निशिकांत दुबे का बचाव करते हुए कहा कि निशिकांत दुबे ने अपने मन से कुछ नहीं कहा जो किताब छपी थी उसी के आधार पर उन्होंने कहा है. राहुल गांधी के संबंध में कहा कि राहुल गांधी झूठों के शागिर्द हैं.

बीजेपी नेता संजय सेठ ने बताया कि यह बजट करोड़ों युवाओं को रोजगार देने वाला है. ग्रामीण महिलाओं के लिए सीमार्ट जैसी योजनाएं लाई गई हैं. देश की बेटियां मजबूत होंगी. कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग हॉस्टल एवं हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल होगा. ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सके.

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