Salman Khan Case: एक्टर सलमान खान को आंशिक राहत, गिरफ्तारी वारंट की वैधता पर उठे सवाल; अब 9 फरवरी को होगी सुनवाई

मनोरंजन

पान मसाला के उत्पादन, बिक्री और भ्रामक प्रचार-प्रसार से जुड़े मामले में राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग से अभिनेता सलमान खान को आंशिक राहत मिली है. आयोग के चेयरमैन देवेन्द्र कच्छावा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में जारी जमानती वारंट पर पुनः सुनवाई के आदेश दिए हैं. अब इस मामले में 9 फरवरी को सुनवाई होगी.

राज्य आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कोटा के जिला उपभोक्ता आयोग को गिरफ्तारी वारंट जारी करने का अधिकार नहीं है. आयोग ने कहा कि जिला आयोग द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई कानून सम्मत नहीं मानी जा सकती. इस मामले में जिला आयोग में जमानती वारंट निरस्त करने एवं गिरफ्तारी वारंट जारी करने से संबंधित शिकायतों पर 9 फरवरी को सुनवाई निर्धारित की गई है. बता दें कि पूर्व में जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष जी.एल. मीणा एवं सदस्यों द्वारा इस मामले में नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया गया था.

सलमान खान पर क्या हैं आरोप?

आयोग द्वारा पान मसाला के प्रचार पर रोक लगाए जाने के बावजूद कोटा में श्राइन बोर्ड लगाकर प्रचार किए जाने को लेकर एक अवमानना याचिका भी प्रस्तुत की गई है, जिस पर सुनवाई लंबित है. यह प्रकरण परिवादी योगेन्द्र सिंह द्वारा दायर प्रार्थना पत्र से जुड़ा है, जिसमें पान मसाला निर्माता कंपनी एवं अभिनेता सलमान खान पर भ्रामक प्रचार कर उपभोक्ताओं को गुमराह करने के आरोप लगाए गए हैं.

रोक के साथ 50 लाख रुपये जुर्माना लगाने की मांग

परिवाद में कहा गया है कि पान मसाला को इलायची और केसर युक्त बताकर प्रचारित किया जा रहा है, जबकि 5 और 20 रुपये के पाउच में 4 लाख रुपये प्रति किलो कीमत की केसर मिलाना व्यावहारिक रूप से असंभव है. इसे आमजन के साथ धोखाधड़ी बताया गया है. परिवादी ने आयोग से भ्रामक विज्ञापनों पर तत्काल रोक लगाने और संबंधित पक्षों पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की मांग की है. ऐसे में अब राज्य आयोग के निर्देशों के बाद मामला एक बार फिर जिला आयोग के समक्ष सुनवाई के लिए लौटेगा.

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