सहारनपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सहारनपुर के सरसावा-नकुड़ रोड पर हुई एक मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन को पुलिस ने मार गिराया है। ललन सिंह वाराणसी पुलिस द्वारा 1 लाख रुपये और चंदौली पुलिस द्वारा 25 हजार रुपये का इनामी अपराधी था। वाराणसी में सब-इंस्पेक्टर की हत्या कर सर्विस पिस्टल लूटने जैसे जघन्य अपराधों में वह मुख्य आरोपी था।
⚔️ क्या है मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम?
एडीजी अमिताभ यश के अनुसार, 21-22 जून 2026 की दरमियानी रात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह की टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। तभी पुलिस का सामना ललन सिंह और उसके साथियों से हो गया। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में ललन सिंह को गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अंधेरे का फायदा उठाकर उसका एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।
📋 जघन्य अपराधों की लंबी फेहरिस्त
ललन सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और खौफनाक था। उस पर कुल 7 लोगों की हत्या का आरोप था, जिनमें:
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दो पुलिस सब-इंस्पेक्टर
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एक बैंक कैशियर
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एक सिक्योरिटी गार्ड शामिल हैं। इसके अलावा, उस पर बैंक डकैती, कैश वैन लूट और सरकारी हथियार लूटने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे। 8 नवंबर 2022 को वाराणसी में सब-इंस्पेक्टर की हत्या कर पिस्टल लूटने की वारदात के बाद से वह लगातार पुलिस की वांटेड सूची में था।
⚖️ कानून-व्यवस्था पर सरकार की सख्ती
एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि ललन सिंह अपने भाइयों और गिरोह के साथ मिलकर जघन्य अपराधों को अंजाम देता था। वाराणसी और चंदौली पुलिस द्वारा घोषित कुल 1.25 लाख रुपये के इनाम के बाद, पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में थी। इस एनकाउंटर को उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। फरार साथी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।
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