सागर: दिन-ब-दिन तापमान बढ़ता जा रहा है. आलम यह है कि रविवार को सागर में 42.6℃ तापमान दर्ज किया गया. शहर में जल संकट के आसार दिखने लगे हैं. पानी का पर्याप्त इंतजाम होने के बाद भी बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण लोगों को भीषण गर्मी में भी रोजाना पानी मिलने की स्थिति नहीं है. इन हालातोx को देखते हुए सागर की नवागत कलेक्टर प्रतिभा पाल रविवार शाम को ही सागर की जल आवर्धन परियोजना राजघाट बांध पर पहुंची और उन्होंने पेयजल परियोजना सहित पेयजल वितरण व्यवस्था का जायजा लिया.
कलेक्टर ने लिया जल आवर्धन परियोजना का जायजा
शहर की राजघाट जल आवर्धन परियोजना पहुंचकर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पानी की गुणवत्ता एवं सप्लाई की जानकारी ली. जहां नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. कलेक्टर ने जल शोधन प्रक्रिया, जल गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली की विस्तार से समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान पानी की गुणवत्ता जांच से संबंधित लॉग बुक का अवलोकन किया और मौके पर ही जल नमूने की जांच कराई. परीक्षण में पानी का पीएच स्तर 7.30 पाया गया, जो तय मानक के अनुसार पेयजल के लिए उपयुक्त है.
कलेक्टर ने क्लोरीन हाउस का भी निरीक्षण किया और टाटा द्वारा निर्मित 5.7 एमएलडी क्षमता वाले फिल्टर हाउस में स्थापित स्काडा (SCADA – Supervisory Control and Data Acquisition) सिस्टम का अवलोकन किया. उन्होंने सिस्टम के माध्यम से जल आपूर्ति की निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली. इसके प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि लीकेज की लगातार मॉनिटरिंग की जाए एवं सुधार कार्य किया जाए. कहीं भी किसी भी प्रकार के दूषित पानी का वितरण न हो, इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए.
वहीं उन्हें जब बताया गया कि गर्मी के मौसम में वाटर सप्लाई के लिए पानी तो उपलब्ध है, लेकिन शहर में स्थापित टंकियों के रोज ना भर पाने के कारण रोज पानी सप्लाई नहीं हो पाता है. समस्या को लेकर उन्होंने अलग से पीएचई, नगर निगम और 24×7 वाटर सप्लाई के लिए प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाने के निर्देश दिए है. उन्होंने कहा है कि पेयजल गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखी जाए.
पर्याप्त पानी के बाद नहीं नियमित सप्लाई
कलेक्टर को बताया गया कि सागर की राजघाट परियोजना में सागर नगर निगम के 48, मकरोनिया के 18 वार्ड और छावनी मंडल सहित लगभग 6 लाख की आबादी को जल प्रदान किया जाता है. बांध की क्षमता 62.67 लाख घन मीटर और जल संग्रहण क्षेत्र 472 वर्ग किमी है. फिल्टर हाउस की क्षमता 88.20 एमएलडी है. जल वितरण प्रणाली के अंतर्गत कुल 8 ओवर हैड टैंक नगर निगम क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं.
जिसमें 390 किमी नवीन एवं 40 किमी पुरानी पाइप लाइन का नेटवर्क स्थापित है. 1 जनवरी 2025 से टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा एमपी यूडीसी के मार्गदर्शन में संचालन एवं संधारण किया जा रहा है. कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा है कि “जल्द से जल्द ऐसा सिस्टम तैयार किया जाए कि जब तक 24×7 वाटर सप्लाई शुरू नहीं हो पाती, तब तक गरमी के मौसम में रोज पानी की सप्लाई हो.”
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