यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक इंटरव्यू में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं और युद्ध की फ्रंट लाइन्स को यथावत (Freeze) बनाए रखने के लिए तैयार हैं. इसका मतलब यह है कि रूस ने यूक्रेन के जितने हिस्से पर फिलहाल कब्जा कर लिया है, उतने हिस्से को छोड़ने के लिए जेलेंस्की तैयार हैं. फॉक्स न्यूज को दिए गए इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या वे एक ऐसे शांति समझौते को स्वीकार करेंगे जिसके तहत मौजूदा स्थिति को फ्रीज़ कर दिया जाए और यूक्रेन के पास उसका 75 फीसदी या उससे ज्यादा इलाका बचा रहे, तो उन्होंने इसके जवाब में ‘हां’ कहा. जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में स्थिति को फ्रीज़ करने की आवश्यकता है और युद्ध को खत्म करने का यही एकमात्र वास्तविक मार्ग है, जिसे हम ‘सीज़फायर’ कहते हैं.
🚀 रूस ने यूक्रेन के खिलाफ जमा कीं 700 बैलिस्टिक मिसाइलें और 6000 से ज्यादा ड्रोन, लगातार हमले जारी
एक तरफ जहाँ कूटनीतिक चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ रूस यूक्रेन के साथ लंबी जंग लड़ने की पूरी तैयारी में जुटा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने यूक्रेन पर भीषण हमले करने के लिए 700 बैलिस्टिक मिसाइलें और 6,000 से अधिक अटैक ड्रोन जमा कर लिए हैं. मॉस्को हर महीने करीब 10,000 ड्रोन का निर्माण कर रहा है और अपने सैन्य जखीरे को लगातार मजबूत कर रहा है, ताकि वह यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह मात दे सके. यूक्रेन के निप्रोपेत्रोवस्क और डुबनो क्षेत्र में पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान रूसी हवाई हमलों से भारी तबाही मची है. रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों ने डुबनो स्थित एपिसेंटर शॉपिंग सेंटर को निशाना बनाया, जिससे वह पूरी तरह जमींदोज हो गया और वहाँ भीषण आग लग गई. रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उन्होंने वहाँ यूक्रेन के एक अहम लॉजिस्टिक्स सेंटर को निशाना बनाया है.
⚡ यूक्रेन ने भी किया पलटवार: रूस के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल पंपिंग स्टेशन को बनाया निशाना
इस भीषण संघर्ष के बीच दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा संसाधनों और बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बना रहे हैं. रूसी हमलों के कारण यूक्रेन की लगभग 15 ऊर्जा सुविधाएं (Energy Facilities) पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं, जिनके जरिए देश के विभिन्न हिस्सों में बिजली की आपूर्ति की जाती थी. इसके जवाब में यूक्रेनी सेना ने भी रूस के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है. यूक्रेन ने रूस के ताम्बोव स्थित निकोल्स्कोये तेल पंपिंग स्टेशन पर एक बड़ा ड्रोन अटैक किया, जहाँ कई घंटों तक ड्रोन हमले जारी रहे. यह पंपिंग स्टेशन रूस की मुख्य तेल पाइपलाइन प्रणाली का एक अहम हिस्सा है, जो तेल और हल्के पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन में शामिल है.
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