अयोध्या में नवरात्रि से पहले राम मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले किसी भी श्रद्धालु को वीआईपी पास नहीं दिए जाएंगे. इसके अलावा, नवरात्रि में रामलला के दर्शन के समय में बदलाव किया गया है. श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं. वहीं मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु किसी तरह का हथियार नहीं ले जा सकेंगे. इस पर मंदिर समिति की तरफ से पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है. यदि कोई ऐसा करता है तो उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी.
वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने जानकारी देते हुए कहा कि नवरात्रि से रामलला के दर्शन छह बजे से होंगे. दर्शन अवधि में बदलाव से सुबह श्रृंगार आरती का समय बदलेगा, जोकि भोर में 5.30 से 5.50 बजे तक होगा. वर्ष प्रतिपदा से ही चैत्र रामनवमी मेला का शुभारम्भ हो रहा है.
क्या बोले चंपत राय?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति सुरक्षाकर्मियों के साथ आता है, तो उन्हें परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. लाइसेंसी रिवॉल्वर, तलवार या बंदूक जैसे हथियार भी परिसर के अंदर प्रतिबंधित हैं.
किन चीजों पर रहेगी रोक?
हालांकि, हमारे सिख भाइयों के अधिकारों के अनुसार, केवल एक छोटी कृपाण, जिसे कानूनी रूप से साथ रखना वैध है, गले में पहनी जा सकती है. यह अपवाद केवल सिख समुदाय के सदस्यों के लिए है. 19 मार्च चैत्र नवरात्रि का पहला दिन है, जिस दिन कई श्रद्धालु उपवास रखते हैं. कार्यक्रम स्थल पर उपवास संबंधी सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें फल, मखाना, मूंगफली और आलू के चिप्स शामिल हैं, विशेष रूप से वे जो उपवास के दौरान खान-पान संबंधी प्रतिबंधों के अनुरूप हों. पीने के पानी की व्यवस्था भी की जाएगी और सभा क्षेत्र के पास शौचालय की सुविधा उपलब्ध होगी. प्रवेश द्वारों के बारे में विस्तृत जानकारी अगले एक-दो दिनों में साझा की जाएगी.
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