RTO दफ्तर में सरकारी तालाबंदी के बाद नई पोस्टिंग के इंतजार में स्टाफ

पंजाब

लुधियान: आर.टी.ओ. कार्यालय से संबंधित विभिन्न सरकारी सेवाओं संबंधी फेसलेस नीति शुरू करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा मिनी सचिवालय स्थित कार्यालय पर की तालाबंदी के बाद दशकों तक बेहद प्रभावशाली रहे इस कार्यालय में कार्यरत सरकारी कर्मचारी नई पोस्टिंग के इंतजार में हैं।

बता दें कि कभी सचिवालय में आर.टी.ओ. कार्यालय जहां पर नई आर.सी., ड्राइविंग लाइसैंस, लर्निंग लाइसैंस, कमर्शियल वाहनों से संबंधित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध होती थी, का अपना अलग मुकाम थ। लुधियाना में आर.टी.ओ. की सीट पाने के लिए पी.सी.एस. स्तर के अधिकारियों में कम्पीटिशन होता था, लेकिन अकाली-भाजपा सरकार दौरान पहली बार इस कार्यालय पर सरकार की टेढ़ी नजर उस समय पड़ी जब सरकार ने नए वाहनों की आर.सी. और ड्राइविंग लाइसैंस इत्यादि सेवाएं सुविधा सैंटर पर ट्रांसफर करने का फैसला लिया था जिसके बाद धीरे-धीरे इस कार्यालय से संबंधित सेवाएं ऑनलाइन होती चली गईं इसी मुहिम तहत पिछली सरकार में नए वाहनों की आर.सी. बनाने और मनमर्जी का नंबर लेने की जिम्मेवारी सीधे वाहन बेचने वाले डीलरों को सौंप दी गई। आखिरकार मौजूदा सरकार ने आर.टी.ओ. कार्यालय से संबंधित सेवाओं संबंधी फेसलेस नीति जारी कर दी है जिसके बाद दशकों पुराने इस कार्यालय पर तालाबंदी हो गई है।

जिस दफ्तर का स्टाफ अब सरकार के इस फैसले के बाद नई पोस्टिंग का इंतजार कर रहा है उसी दफ्तर में कभी क्लर्क मनपसंद की सीट पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे। सरकार के इस फैसले से जहां आम जनता को राहत मिलनी तय है वहीं दशकों से भ्रष्टाचार का गढ़ रहे आर.टी.ओ. कार्यालय पर हुई तालाबंदी से साफ है कि समय सबसे बलवान है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry