परिवहन डेस्क: देश में सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत अब कई गंभीर यातायात उल्लंघनों को गैर-समझौता योग्य (नॉन-कम्पाउंडेबल) अपराध घोषित कर दिया गया है। परिवहन विभाग के सचिव वरुण रूजम (IAS) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन नए नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जा चुका है।
❌ मौके पर जुर्माना भरकर नहीं बच पाएंगे दोषी
नई अधिसूचना के बाद अब चिन्हित अपराधों का निपटारा मौके पर केवल चालान या जुर्माना भरकर नहीं किया जा सकेगा। दोषियों के खिलाफ अब नियमानुसार अदालत और कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों के भीतर यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी का भाव पैदा करना है।
🚷 इन अपराधों को किया गया ‘नॉन-कम्पाउंडेबल’ श्रेणी में शामिल
परिवहन विभाग ने निम्नलिखित गंभीर उल्लंघनों को इस दायरे में रखा है:
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खतरनाक ड्राइविंग (धारा 184): रेड लाइट जंप करना, स्टॉप साइन का उल्लंघन, वन-वे या यातायात के विपरीत दिशा में गाड़ी चलाना और लापरवाही से ड्राइविंग।
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ड्रिंक एंड ड्राइव (धारा 185): शराब या किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाना।
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अपराध में सहयोग (धारा 188): नशे में धुत व्यक्ति को वाहन चलाने के लिए उकसाना या सहयोग करना।
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नाबालिगों द्वारा ड्राइविंग (धारा 199ए): कम उम्र के बच्चों द्वारा वाहन चलाने के मामले, जिनमें अब किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा।
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