रांची: राजधानी रांची के पंडरा इलाके में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड कर रहे एक सेंटर का पर्दाफाश किया है। मौके से तीन लोगों को पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर की गई।
🕵️♂️ सूचना मिलते ही हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
जिला प्रशासन को जानकारी मिली थी कि पंडरा में एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग पता करने का अवैध कार्य किया जा रहा है। सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने त्वरित टीम गठित की। छापेमारी के दौरान टीम ने पाया कि बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के और PC & PNDT एक्ट का उल्लंघन करते हुए वहां लिंग निर्धारण की प्रक्रिया चल रही थी।
⚖️ दंडनीय अपराध: सरकार की नीति पर सख्त प्रहार
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि भ्रूण का लिंग पता करना न केवल अनैतिक है, बल्कि PC & PNDT एक्ट के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है। विभाग ने रातू थाना को पत्र लिखकर तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आग्रह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को सफल बनाने के लिए ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
📞 आमजन से सहयोग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कहीं भी इस तरह का अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र या लिंग निर्धारण से जुड़ी गतिविधियां नजर आती हैं, तो वे तुरंत स्थानीय थाने या मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय में सूचना दें। आपकी सतर्कता एक बड़ी अनैतिक प्रथा को रोकने में मददगार हो सकती है।
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