रांचीः कानून के हाथ लंबे होते हैं और इससे कोई बच नहीं सकता है. इस कहावत को एक बार फिर रांची पुलिस ने चरितार्थ किया है. साल 2025 के दिसंबर महीने में हुई एक दिव्यांग बुजुर्ग महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. हत्याकांड में शामिल एक महिला समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
दरअसल, 5 दिसंबर 2025 को रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के हटिया सिंहमोड़ के पास विजेता इंक्लेव स्थित फ्लैट में रहने वाली बुजुर्ग दिव्यांग महिला विश्वासी हन्ना तिरू की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. लगभग 4 महीने के बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य साजिशकर्ता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
संपत्ति की लालच में की गई थी हत्या
पुलिस के अनुसार महिला की हत्या संपत्ति हड़पने की लालच में की गई थी. बुजुर्ग महिला की हत्या के बाद उनके घर के सारे कीमती गहने भी गायब थे. पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तब पुलिस को लगा कि इस हत्याकांड में कोई बेहद नजदीकी व्यक्ति शामिल है, जो महिला को बेहद करीब से जानता था.
केयरटेकर ही निकली मुख्य साजिशकर्ता
हटिया डीएसपी पीके मिश्रा ने बताया कि बुजुर्ग महिला की हत्या की साजिश घर की केयरटेकर सलोमी होरो के द्वारा रची गई थी. बुजुर्ग महिला ने सलोमी को नॉमनी बना कर रखा था. इसी बीच सलोमी का आरिफ खान नाम के एक अपराधी से संपर्क हो गया. आरिफ को सलोमी ने बताया कि बुजुर्ग महिला के घर में काफी गहने हैं और बैंक की नॉमनी भी वह खुद ही है. इसके बाद ही आरिफ ने सलोमी के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला की हत्या की साजिश रची.
5 दिसंबर 2025 को आरिफ ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला की गला रेत कर हत्या कर दी. हत्या के बाद घर में रखे सारे नगद और लाखों के गहने पर हाथ साफ कर सभी बिहार के भागलपुर फरार हो गए.
सलोमी सहित चार गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने बेहतरीन अनुसंधान करते हुए चार महीने बाद ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझा लिया. बुजुर्ग की हत्या के मामले में मुख्य साजिशकर्ता सलोमी, मोहमद आरिफ, हसन रज्जा और मोहमद शाहीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
भतीजा ने देखा था चाची का शव
5 दिसम्बर को मृतक बुजुर्ग महिला के भतीजा अनिल ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी चाची को खाना देने के लिए उनके फ्लैट में गया था, जहां पहुंचने पर देखा कि फ्लैट का दरवाजा खुला हुआ था और दरवाजा हिल रहा था. अंदर जाने पर देखा कि उनकी चाची विश्वासी हन्ना तिरू जमीन पर गिरी हुई थीं और खून बह रहा था. यह देखकर वह घबरा गया और अपने चाचा दास टोपनो को घटना की जानकारी दी. उनके चाचा भी भागे-भागे मौके पर पहुंचे और नजदीक जाकर देखा तो विश्वासी हन्ना तिरू का गला कटा हुआ पाया. फर्श पर खून लगा ब्लेड भी पड़ा हुआ था. इसके बाद घटना की जानकारी जगन्नाथपुर पुलिस को दी गई. जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची.
मेकॉन कर्मी की पत्नी थीं विश्वासी
हटिया के लटमा रोड निवासी अनिल कुमार तिरू के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई थी. अनिल ने बताया था कि उनके छोटे चाचा स्टीफन तिरू मेकॉन में कार्यरत थे. 2022 में सेवानिवृत्त हुए और लटमा रोड में विजेता इनक्लेव में पत्नी के साथ रहते थे, लेकिन उनका निधन 2024 में हो गया. इसके बाद उनकी चाची अकेले उस फ्लैट में रहती थीं. उनके पैर काम नहीं करते थे, जिसकी वजह से वह वॉकर से जरिए चलती थीं. आसपास में रहने वाले परिजन उन्हें खाना-पानी देने के लिए समय-समय पर फ्लैट में जाया करते थे. हटिया डीएसपी पीके मिश्रा ने बताया कि सलोमी पर बुजुर्ग महिला को काफी भरोसा था, लेकिन उसी ने साजिश रच कर पैसे की लालच में उनकी हत्या करवा दी.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
