Ranchi Bacon Factory: रांची की ऐतिहासिक बेकन फैक्ट्री का होगा पुनरुद्धार; मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने तैयार किया रोडमैप

झारखण्ड

झारखंड के पशुधन बुनियादी ढांचे (Livestock Infrastructure) को आधुनिक बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बेहद बड़ा कदम उठाया है. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में रांची के कांके स्थित ऐतिहासिक बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार और व्यापक आधुनिकीकरण के लिए एक ठोस रणनीतिक रोडमैप तैयार किया गया है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में मांस प्रसंस्करण (Meat Processing) की तकनीक को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाना और स्थानीय पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है.

🔬 तकनीकी विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में होगा आधुनिकीकरण: NMRI हैदराबाद और राज्य के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित

इस उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में तकनीकी और वैज्ञानिक पहलुओं पर गहराई से चर्चा की गई. बैठक में ICAR-राष्ट्रीय मांस अनुसंधान संस्थान (NMRI), हैदराबाद के निदेशक डॉ. एसबी बरबुधे, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम मुथुकुमार, पशुपालन विभाग के निदेशक रोबिन टोप्पो सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे. कृषि मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस महत्वकांक्षी परियोजना को उच्च प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए. फैक्ट्री के आधुनिक बुनियादी ढांचे और त्वरित क्रियान्वयन (Fast-Tracking) के लिए NMRI, हैदराबाद के विशेषज्ञों और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जो आगामी कुछ हफ्तों में एक विस्तृत कार्य योजना (Action Plan) सरकार को सौंपेगी.

🌱 ‘जीरो-वेस्ट’ तकनीक और कौशल विकास पर रहेगा विशेष जोर: परिसर में बनेगा अत्याधुनिक रेंडरिंग प्लांट और हॉस्टल

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि आधुनिक बेकन फैक्ट्री पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल और ‘जीरो-वेस्ट’ (शून्य अपशिष्ट) प्रसंस्करण इकाई के रूप में काम करे. इसके लिए परिसर में अत्याधुनिक इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और उन्नत रेंडरिंग प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. यह रेंडरिंग प्लांट बूचड़खाने के उप-उत्पादों (वेस्ट मैटेरियल) को उच्च प्रोटीन वाले पशु आहार घटकों में बदलकर व्यावसायिक लाभ सुनिश्चित करेगा. इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को आधुनिक मांस प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन (Value Addition) का तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए परिसर में एक समर्पित प्रशिक्षणार्थी हॉस्टल का निर्माण भी किया जाएगा.

💼 आत्मनिर्भर और स्वायत्त व्यावसायिक मॉडल की ओर अग्रसर: सरकारी अनुदान पर निर्भर नहीं रहेगी कांके बेकन फैक्ट्री

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे इस पूरे प्रोजेक्ट को एक ऐसे कुशल व्यावसायिक मॉडल के रूप में संचालित करें, जो भविष्य में किसी भी प्रकार के सरकारी अनुदान पर निर्भर न रहे. कांके बेकन फैक्ट्री को उच्च गुणवत्ता वाले प्रीमियम उत्पादों और संस्थागत बिक्री के माध्यम से वित्तीय स्वायत्तता प्रदान कर पूरी तरह आत्मनिर्भर (Self-Sustainable) बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस फैक्ट्री का पुनरुद्धार केवल एक बंद पड़े संयंत्र को शुरू करना नहीं है, बल्कि झारखंड के हजारों ग्रामीण पशुपालकों के लिए आर्थिक समृद्धि का एक नया जरिया तैयार करना है.

📈 मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से होगा सीधा जुड़ाव: बेकार पड़े उपकरणों की नीलामी और नई निविदाओं की प्रक्रिया तेज

राज्य में पशुधन की निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए मंत्री ने राजकीय पशुधन फार्मों को ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ (MMPVY) के साथ सीधे तौर पर जोड़ने का निर्देश दिया है. इस नीति के तहत, सभी सरकारी फार्म भविष्य में नर्सरी के रूप में कार्य करेंगे, जहां से योजना के लाभार्थियों को रोग-प्रतिरोधी और उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत नस्ल के पशुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. इसके अलावा, फैक्ट्री परिसर में वर्षों से बेकार पड़े पुराने उपकरणों की पारदर्शी नीलामी करने और नई तकनीकों के लिए ग्लोबल टेंडर (निविदाओं) की प्रक्रिया को तेज करने का भी कड़ा निर्देश जारी किया गया है.

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