अयोध्या: राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से मिले दान और चढ़ावे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने अब एक नया मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत का दावा है कि उद्धव ठाकरे द्वारा दान की गई 4 किलो चांदी की पवित्र ईंट का आज तक कोई हिसाब या रसीद ट्रस्ट की ओर से नहीं दी गई है।
🧱 200 चांदी की ईंटों पर भी उठे सवाल
संजय राउत से पहले, ‘कासल्स ग्रुप’ के चेयरमैन डॉ. राजू वी. मनवानी ने भी मंदिर ट्रस्ट पर बड़े सवाल उठाए हैं। मनवानी के अनुसार, सिंधी समुदाय की ओर से 26 जनवरी 2021 को चंपत राय को 1-1 किलोग्राम वजन वाली चांदी की 200 ईंटें सौंपी गई थीं। अब दानदाताओं के बीच यह चर्चा है कि क्या मंदिर के लिए दी गई इस बेशकीमती चांदी का उपयोग सही जगह हुआ है या यह कहीं और डायवर्ट की गई है?
⚠️ घट रहा दानदाताओं का भरोसा
इस पूरे विवाद ने श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ दानदाताओं के भरोसे को भी हिलाकर रख दिया है। डॉ. मनवानी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि दान में दी गई सामग्री का हिसाब नहीं मिला, तो भविष्य में भक्तों और दानदाताओं का मंदिर ट्रस्ट से भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उनका कहना है कि दानकर्ता यह जानने का हक रखते हैं कि उनकी आस्था के प्रतीक का उपयोग कैसे और कहां किया गया है।
🔎 पारदर्शिता की तत्काल आवश्यकता
मंदिर ट्रस्ट पर बढ़ते इन आरोपों के बाद अब स्पष्टीकरण की मांग तेज हो गई है। आलोचकों का तर्क है कि जब मामला करोड़ों हिंदुओं की आस्था का हो, तो दान की हर ईंट और हर पैसे का पारदर्शी हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या ट्रस्ट इन आरोपों का कोई ठोस दस्तावेजी जवाब देगा या विवाद और बढ़ेगा।
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