रायसेन: भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे रायसेन वासियों को रविवार को हुई पहली झमाझम बारिश ने राहत तो दी, लेकिन चंद घंटों में ही यह राहत आफत में बदल गई। दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने महज दो घंटे में ही शहर की सूरत बदल दी और नगर पालिका प्रशासन के मानसून पूर्व तैयारियों के दावों की पोल खोलकर रख दी।
🌊 सड़कों पर बहा गंदा पानी, दरिया बनी सड़कें
बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। वार्ड नंबर 11, मुख्य सागर और भोपाल चौराहे स्थित नगर पालिका कार्यालय के सामने सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। सड़कें पूरी तरह दरिया में तब्दील हो गई थीं, जिससे वाहन चालकों को भारी मशक्कत करनी पड़ी और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
🚧 हर साल एक जैसी स्थिति, ड्रेनेज सिस्टम पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आक्रोश है कि हर साल बारिश के दौरान उन्हें ऐसी ही विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन नगरपालिका प्रशासन इससे कोई सबक नहीं ले रहा है। जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के तमाम दावों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। शहरवासियों का कहना है कि यदि पहली ही बारिश में शहर की यह हालत है, तो पूरे मानसून सीजन में क्या होगा, यह एक बड़ा चिंता का विषय है।
🛠️ प्रशासन का आश्वासन और ड्रेनेज सुधार की मांग
शहरवासियों ने प्रशासन से अविलंब जल निकासी के स्थाई समाधान और ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने की मांग की है। इस पर रायसेन के एसडीएम मुकेश शर्मा ने सफाई देते हुए कहा, “लोगों को इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए जगह-जगह पानी की निकासी की व्यवस्था की जा रही है और शहर के ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर करने का कार्य प्रगति पर है।”
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