Punjab Politics: पंजाब में SIR को लेकर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए सवाल

पंजाब

जाब में SIR (स्पेशल इंटरएक्टिव रिविजन) का ऐलान होने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल ने इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनाव आयोग विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का सही समाधान नहीं कर पाया था। पंजाब में ऐसी स्थिति न बने, इसे लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी आनंदिता मित्रा ने ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई, जहाँ चुनाव आयोग ने सभी दलों की आशंकाओं के समाधान का भरोसा दिया है।

⚖️ शिरोमणि अकाली दल की चेतावनी: “नाम काटने की प्रक्रिया में न हो पक्षपात”

अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत चीमा ने कहा कि उन्हें SIR की प्रक्रिया से ऐतराज नहीं है, लेकिन वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने और जोड़ने के संदेहों पर स्पष्टता जरूरी है। चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया है कि काटे गए और नए जोड़े गए नामों की एक अलग सूची सभी पार्टियों के साथ साझा की जाएगी। चीमा ने चेतावनी दी कि यदि पश्चिम बंगाल की तरह पंजाब में भी कोई ज्यादती करने का प्रयास किया गया, तो पार्टी सड़क पर उतरकर धरना देगी।

📑 कांग्रेस की चिंता: “वोटर लिस्ट में बदलाव की मिले पूरी जानकारी”

कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने पश्चिम बंगाल की घटनाओं का हवाला देते हुए पंजाब में वैसी पुनरावृत्ति न होने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में किसी भी प्रकार के बदलाव की सूची राजनीतिक दलों को मिलनी चाहिए। पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस पर सहमति जताते हुए कहा है कि वह केंद्रीय चुनाव आयोग से संपर्क कर सभी तकनीकी मुद्दों पर जल्द ही सही जानकारी मुहैया कराएंगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।

🔍 बीजेपी का पलटवार: “नियमों के तहत हो रही प्रक्रिया, विपक्ष का विरोध बेवजह”

पंजाब बीजेपी के लीगल सेल कन्वीनर एन के वर्मा ने विपक्षी दलों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि SIR के लिए एक प्रॉपर सिस्टम और नियमावली बनाई गई है और उसी के तहत पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है। बीजेपी का कहना है कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और वह अपने निर्धारित मानकों के अनुसार ही काम कर रहा है, ऐसे में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।

🛡️ आम आदमी पार्टी का स्टैंड: सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग पर जताई आशंका

पंजाब ‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि उन्हें एक साथ कई नाम काटे जाने या जोड़े जाने पर आपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग एक विशेष राजनीतिक पार्टी के मुताबिक वोट जोड़ने और काटने में सफल रहा था। अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि वे चाहते हैं कि सही लोग ही वोट करें और गलत नाम हटाए जाएं, लेकिन इसकी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि किसी भी मतदाता का लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित न हो।

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