जलालाबाद: जिला मजिस्ट्रेट फाजिल्का अमरप्रीत कौर संधू आई.ए.एस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (पुरानी सीआरपीसी 1973 की धारा 144) के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला फाजिल्का में किसी भी मकान मालिक के लिए किराएदार और घरेलू नौकर रखने वालों का पूरा पता और पहचान प्रमाण रखना अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने बिना पूरा पता और पहचान प्रमाण के किसी भी व्यक्ति को काम पर रखने या किराएदार रखने पर पूर्ण पाबंदी लगाई है। यह आदेश तिथि 30 जून 2026 तक लागू रहेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि जिला फाजिल्का में दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों को लेबर के तौर पर रखा जाता है और इसके अलावा लोग बाहरी राज्यों से आकर अलग-अलग क्षेत्रों में किराए के मकानों में रहने लग जाते हैं। ऐसी लेबर और किराएदारों का कोई स्थायी पता या रिकॉर्ड नहीं रखा जाता, जिससे अपराध होने पर दोषियों को ढूंढना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिले में काम करने वाले व्यक्तियों और किराएदारों का नाम, पूरा पता, तीन फोटो (दाएं, बाएं और सामने से पोज) और घरों में रजिस्टर लगाकर रखें और उनके सभी रिश्तेदारों के पते रखें और नौकर के वेतन में से 100/200 रुपये का मनीऑर्डर उसके नजदीकी रिश्तेदार के पते पर भेजें। मनीऑर्डर पहुंचने के उपरांत रसीद की फोटोकॉपी को अपने कब्जे में रखें। नौकर के फिंगर प्रिंट मालिक अपने रजिस्टर में लगाकर रखें और यह सारा रिकॉर्ड इलाके के थाने या पुलिस चौकी में भी दर्ज करवाएं। इसी प्रकार मकान मालिक अपने मकान में रखे जाने वाले किराएदारों का पूरा विवरण संबंधित थाने या पुलिस चौकी में दर्ज करवाएं।
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