बठिंडा: वित्त वर्ष 2024-25 के लिए घर या दुकान का बनता प्राॅपर्टी टैक्स बिना जुर्माना जमा करवाने की अंतिम तारीख 31 दिसम्बर थी। इसके बाद 1 जनवरी से शहर के 24 हजार लोगों को 10 फीसदी जुर्माना देना पडे़गा। पुराना बकाया टैक्स न भरने पर नगर निगम की तरफ से सीलिंग जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम ने साल 2024-25 में करीब 16 करोड़ रुपए प्रापर्टी टैक्स का लक्ष्य रखा है, जिसमें निगम ने साढ़े 13 करोड़ रुपए एकत्र कर लिए हैं, जबकि अढ़ाई-2 करोड़ रुपए का बकाया अभी पड़ा है। निगम के रिकाॅर्ड के मुताबिक शहर में लगभग 24 हजार प्राॅपर्टी मालिक ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक चालू वित्त वर्ष 2024-25 का प्रापर्टी टैक्स नहीं भरा है, जो अब जुर्माने समेत भरेंगे।
निगम के रिकाॅर्ड अनुसार शहर में 31 हजार 636 रिहायशी यूनिट हैं, जबकि 15,818 कमर्शियल यूनिट हैं, जिन पर प्राॅपर्टी टैक्स लागू होता है। इसके अलावा पिछले 2013 से लेकर 2024 तक टैक्स जमा करवाने पर लोगों 20 फीसदी पैनल्टी और 18 फीसदी ब्याज भी देना होगा। शहर में 47 हजार 454 यूनिट हैं, जिनसे निगम हर साल करीब 14 करोड़ रुपए का प्रापर्टी टैक्स वसूल करता है, लेकिन 1 अप्रैल 2024 से लेकर 31 दिसम्बर तक केवल 23 हजार 345 यूनिट ने अपना टैक्स निगम के खाते में जमा करवाया है, जबकि 24 हजार 109 यूनिट यानि 50 फीसदी से ज्यादा यूनिट का टैक्स अभी बकाया है। अब 1 जनवरी से शहर के 24 हजार 109 लोगों को अब अपना प्राॅपर्टी टैक्स जमा करवाने पर 10 फीसदी जुर्माना भी भरना पड़ेगा, जिसमें 15 हजार 662 रिहायशी और 8447 कमर्शियल यूनिट शामिल हैं, जो अब निगम को 10 फीसदी जुर्माने के साथ अपना प्राॅपर्टी टैक्स जमा करवाएंगे।
31 दिसम्बर थी प्राॅपर्टी टैक्स भरने की अंतिम तारीख
पंजाब सरकार की ओर से छूट के साथ प्राॅपर्टी टैक्स भरने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर थी पर इस साल बहुत कम लोगों ने आखिरी दिनों में भी प्राॅपर्टी टैक्स जमा करवाने में कोई ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिसके चलते 31 दिसम्बर को निगम के खाते में महज 13.44 लाख रुपए ही प्रापर्टी टैक्स जमा हो सका, जबकि 2023 में 31 दिसम्बर वाले दिन निगम के खाते में 16.27 लाख रुपए जमा हुए थे।
उम्मीद से काफी कम आया प्रॉपर्टी टैक्स
निगम की रिपोर्ट के अनुसार इस साल 31 दिसम्बर वाले दिन 120 रिहायशी यूनिट ने 3 लाख 92 हजार रुपए व 104 कमर्शियल यूनिट ने 8 लाख 86 हजार 227 रुपए ही जमा करवाए। कुल मिलाकर 224 लोगों ने 13 लाख 44 हजार 251 रुपए जमा करवाए, जो निगम की उम्मीद से काफी कम हैं। निगम की तरफ से साल 2024-25 के बजट में 16 करोड़ रुपए प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करने का टारगेट रखा गया था, जो 31 मार्च 2025 तक पूरा करना था, जिसमें 2024-25 के अलावा पिछले सालों का बकाया टैक्स भी वसूली करना था पर 2024 में चुनावी सीजन के चलते निगम लोगों पर ज्यादा सख्ती नहीं कर सका।
चुनावों में निगम की नरमी का लोगों ने उठाया फायदा
पहले लोकसभा चुुनाव के कारण जून तक चुनाव आचार संहिता लागू रही। इसके बाद अगस्त में पंचायत चुनाव हुए और वहीं अब दिसम्बर में निकाय चुनाव के कारण निगम ने प्राॅपर्टी टैक्स भरने वाले लोगों पर ज्यादा सख्ती नहीं की। इसके कारण लोगों ने भी निगम की इस नरमी का फायदा उठाया। इसके चलते निगम 31 दिसम्बर तक करीब 13 करोड़ 59 लाख रुपए जुटा पाया, जबकि पिछले साल निगम ने 31 दिसम्बर तक 15 करोड़ 31 लाख रुपए जुटा लिए थे। हालांकि निगम के पास अपना 16 करोड़ रुपए का लक्ष्य पूरा करने के लिए अभी 3 माह का समय पड़ा है।
नोटिस के बाद भी टैक्स न भरने पर होगी सीलिंग की कार्रवाई
प्राॅपर्टी टैक्स ब्रांच के सुपरिंटैंडैंट प्रदीप मित्तल ने जिन लोगों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का प्राॅपर्टी टैक्स नहीं भरा है, उनको मैसेज भेजकर टैक्स भरने की अपील की जाएगी। जिनका कई-कई सालों का टैक्स पैंडिंग पड़ा है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। अगर नोटिस के बाद भी अपना टैक्स नहीं भरते हैं तो सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
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