रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी गठन के बाद से लगातार राज्य के वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर प्रदेश नेतृत्व पर हमलावर हैं. मंगलवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रदेश प्रभारी के नाम अपनी चिट्ठी जारी की. जिसमें तमाम तरह के आरोप प्रदेश नेतृत्व पर लगाए हैं. उसमें से एक आरोप यह है कि सरकार द्वारा भोजपुरी, मगही, अंगिका जैसी भाषाओं के JTET की नियमावली से हटाए जाने के बावजूद प्रदेश नेतृत्व इस पर चुप रहा.
झामुमो ने राज्य के वित्त मंत्री के द्वारा इस विषय को सोशल मीडिया पर डालने पर गहरी आपत्ति जताई है. जेएमएम नेता ने इसे इशारों-इशारों में कांग्रेस और खासकर वरिष्ठ नेताओं को चेतावनी ही दे दी है. इस बीच कांग्रेस के विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने अपने पोस्ट में बिना वित्तमंत्री का नाम लिए लिखा है कि कांग्रेस में होना और कांग्रेसी होना दो अलग-अलग बातें हैं.
जेटेट भाषा विवाद पोस्ट पर क्या बोले सुप्रियो
भाषा सहित विभिन्न मुद्दों पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के द्वारा अपने प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधने के क्रम में अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया गया. इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जो बातें कैबिनेट के अंदर होनी चाहिए, गठबंधन के नेताओं के बीच होनी चाहिए, वे बातें अगर बाहर आती हैं तो यह अफसोसजनक है.
वरिष्ठ लोग हैं, पहल करनी चाहिए: सुप्रियो
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हम सबको सचेत रहना चाहिए और यह समझना चाहिए कि 2024 का जब चुनाव लड़ा था तो बहुत स्पष्ट रूप से निश्चित होकर चुनाव लड़े थे कि हमें राज्यवासियों की सेवा करनी है. राज्य की जनता ने वर्ष 2029 तक का हमें जनादेश दिया है. इस बीच में हमें कोई ऐसी चीज नहीं करनी चाहिए, जो जनादेश के लिए उदासी की बात हो. लोगों को इससे बचना चाहिए और इसका ख्याल रखना चाहिए. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि वरिष्ठ लोग हैं, उनको इसकी पहल करनी चाहिए.
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