रामगढ़: पंजाब रेजिमेंटल सेंटर रामगढ़ छावनी के किलाहरी ग्राउंड में अग्निवीरों के गौरवशाली पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया. परेड की समीक्षा पंजाब रेजिमेंटल सेंटर के कार्यवाहक कमांडेंट कर्नल मानवेंद्र सिवाच, विशिष्ट सेवा मेडल के द्वारा किया गया. अग्निवीर रिक्रूटर्स ने देश की आन, बान और शान की रक्षा करने के लिए अंतिम पग रखा और भारतीय सेना के अभिन्न अंग बन गए.
रामगढ़ जिले में अवस्थित पंजाब रेजिमेंटल सेंटर का इतिहास वीरता से भरा और गौरवशाली रहा है. अपने देश की सेवा में पंजाब रेजिमेंट के बहादुर जवानों ने अपना सर्वस्व बलिदान करते हुए न केवल पंजाब रेजिमेंट का अपितु राष्ट्र के गौरव को भी बढ़ाया है. पासिंग आउट परेड में छठे बैच के 962 अग्निवीर सैनिक शामिल हुए. जिन्हें 31 सप्ताह का कठिन शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण दिया गया था.
इस मौके पर पंजाब रेजिमेंटल सेंटर के कार्यवाहक कमांडेंट कर्नल मानवेंद्र सिवाच, विशिष्ट सेवा मेडल ने इस स्मरणीय अवसर पर अग्निवीरों और उनके अभिभावकों को बधाई दी. उन्होने ट्रेनिंग स्टाफ और इंस्ट्रक्टर के अथक प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने इन युवाओं को सक्षम, जिम्मेदार और भविष्य के दूरदर्शी सैनिकों के रूप में ढालने के लिए बेहतर प्रयास करते हुए उनमें कर्तव्य, अनुशासन और समर्पण जैसे मूल्यों को स्थापित किया.
अग्निवीरों ने ली शपथ
समारोह के अंत में अग्निवीरों ने संविधान और राष्ट्र के प्रति निष्ठा, राष्ट्रीय सुरक्षा, वर्दी का सम्मान और भारतीय सेना की सब से समृद्ध परंपराओं को बनाए रखने की शपथ ली. सम्मान और प्रशंसा के प्रतीक के रूप में सभी माता- पिता को पारंपरिक ‘गौरव पदक’ प्रदान किया गया, जिन्होंने स्वेच्छा से अपने बच्चों को देश की सेवा करने की अनुमति दी और उन्हे प्रेरित किया.
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