संसद के बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शब्दों का संग्राम जारी है. दोनों ओर से एक-दूसरे पर हमले किए जा रहे हैं. आर्मी चीफ रहे एमएम नरवणे की किताब पर संग्राम मचा है. राहुल गांधी इसके जरिए चीनी घुसपैठ का जिक्र कर सरकार को घेर रहे हैं. इसके जवाब में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी सदन में किताब लेकर आए. इसके बाद तो संग्राम की आंच ने ज्लावामुखी का रूप ले लिया है. इन सबके बीच 5 बजे पीएम मोदी का भाषण था, जो कि नहीं हो सका है. दिन भर चले हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन में पीएम मोदी से मुलाकात की. ये मुलाकात पीएम के लोकसभा में प्रस्तावित भाषण से पहले हुई. इसके साथ ही शाह ने स्पीकर ओम बिरला के साथ मीटिंग की. इसमें निशिकांत दुबे भी पहुंचे थे. बता दें कि आज दिन भर सदन में हंगामा जारी रहा.
निशिकांत दुबे के बयान से तेज हुआ संग्राम
इसकी वजह रही बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का लोकसभा में बयान. उन्होंने सदन में गांधी परिवार पर लिखी किताबों का जिक्र किया, जिनमें आपत्तिजनक बातें भी हैं. दुबे के बयान पर सदन में हंगामा हुआ फिर कार्यवाही स्थगित की गई. इसके बाद विपक्षी दलों के सांसद स्पीकर के चैंबर में पहुंचे. उन्होंने कहा किजब राहुल को एक किताब पर नहीं बोलने दिया गया तो बीजेपी सांसद को बोलने की इजाजत क्यों दी.
लगता नहीं है कि आज पीएम सदन में आएंगे
स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में कांग्रेस और विपक्षी दलों के सांसदों ने जमकर हंगामा किया. उधर, राहुल गांधी भी लगातार सरकार पर हमले कर रहे हैं. किताबों को लेकर जारी संग्राम की इस कड़ी में राहुल ने कहा, लगता नहीं है कि आज पीएम सदन में आएंगे. अगर वो संसद आते हैं तो मैं उनको किताब दूंगा. दरअसल, राहुल गांधी नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंचे थे.
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