धार्मिक डेस्क: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, लेकिन अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में आने वाली ‘परमा एकादशी’ का महत्व कई गुना अधिक होता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 11 जून 2026 को परमा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा और उन्हें उनकी पसंदीदा चीजों का भोग लगाने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।
🍎 परमा एकादशी पर क्या भोग लगाएं?
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए पूजा में निम्नलिखित चीजों का अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है:
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पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत भगवान को बहुत प्रिय है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
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पीले फल: श्री हरि को पीला रंग प्रिय है। इसलिए केले, आम या अन्य पीले फलों का भोग समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
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हलवा या मिठाइयां: पूजा के बाद सूजी या मूंग दाल का हलवा, बेसन के लड्डू या केसरिया पेड़े का भोग लगाना श्रेष्ठ है।
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तुलसी दल: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु बिना तुलसी दल के कोई भी भोग स्वीकार नहीं करते। इसलिए प्रसाद में तुलसी का पत्ता अवश्य रखें।
📜 परमा एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व
अधिकमास की परमा एकादशी सामान्य एकादशी से कहीं अधिक फलदायी है। पुराणों के अनुसार, इस दिन किया गया व्रत, जप और दान-पुण्य साधक को मोक्ष और सुख-समृद्धि प्रदान करता है। जो भक्त श्रद्धापूर्वक इस व्रत को रखते हैं, उनके जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
⚠️ भोग लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
भगवान को चढ़ाया जाने वाला भोग शुद्ध देसी घी में तैयार होना चाहिए। कोशिश करें कि भोग की सामग्री घर पर ही शुद्धता के साथ बनाई जाए। भोग अर्पित करते समय मन ही मन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” मंत्र का निरंतर जाप करना अत्यंत कल्याणकारी होता है। सच्ची श्रद्धा और पवित्र भाव से की गई यह पूजा भक्तों को निस्संदेह मनोवांछित फल प्रदान करती है।
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