राजस्थान के सवाई माधोपुर में पैंथर के हमले में 7 साल के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई. दरअसल, गुरुवार को बच्चा अपने पिता के साथ बाला जी मंदिर गया था. बाप-बेटे शाम को वापस घर लौट रहे थे, तभी पैंथर बच्चे को दबोच कर जंगल की ओर ले गया. जहां कुछ देर बाद उसका शव पड़ा हुआ मिला. पैंथर के हमले की घटना से इलाके में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोग वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं.
सवाई माधोपुर के रणथंभौर में गुरुवार शाम 7 बजे के बाद उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बाला जी मंदिर से दर्शन करके लौट रहे 7 साल के विक्रम पर अचानक एक पैंथर ने हमला कर दिया. वह अपने जबड़े से गला दबाकर मासूम को उठा ले गया और उसकी गर्दन मरोड़ डाली. इस दौरान नुकीले दांत बिक्रम की गर्दन में धंस गए, जिससे उसकी मौत हो गई. बच्चे पर पैंथर का हमला होते ही उसके पिता मदद के लिए जंगल की तरफ दौड़ा और जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया.
7-8 दिनों से था पैंथर का मूवमेंट
इस दौरान आसपास रहने वाले लोग भी अपने घरों से निकल आए. शोर-शराबा सुन पैंथर बच्चे को छोड़कर में घने जंगल में भाग गया. सूचना मिलते ही डीएम और एसपी सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई. इस दौरान परिवार ने विरोध जताते हुए बच्चे का शव लेने से मना कर दिया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में बीते 7-8 दिनों से पैंथर का मूवमेंट था. इस संबंध में शिकायत के बावजूद वन विभाग की टीम ने पैंथर का रेस्क्यू नहीं किया.
वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
इसके चलते इतनी बड़ी घटना हो गई. बता दें कि रणथंभौर इलाके में इससे पहले भी बाघ के हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है. स्थानीय लोग वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि समय पैंथर को पकड़कर रिहायशी इलाके से दूर छोड़ा जाता तो यह घटना नहीं होती.
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