पलामू: जिले को लातेहार एवं चतरा से जोड़ने वाली रोड जानलेवा हो गई है. रोड और पुल पर बने गड्ढे बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित कर रहे हैं. पिछले दो महीने में पांकी बालूमाथ रोड पर 25 दुर्घटनाएं हुई हैं. जिसमें 30 के करीब लोग जख्मी हुए हैं. दरअसल, पांकी बालूमाथ रोड की दूरी करीब 55 किलोमीटर है, जो पूरी तरह से जर्जर हो गई है.
सड़क की हालत ऐसी है कि रात के समय इस रोड पर लोग सफर करने से डरते हैं. सड़क दुर्घटना होने या गाड़ी खराब होने पर लोगों को मदद पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है. दरअसल पांकी बालूमाथ रोड का निर्माण तीन वर्ष पहले हुआ था. बरसात के दिनों में रोड की हालत खराब हो गई है. रोड पर मौजूद पुल से बरसात के दिनों में मिट्टी का कटाव भी हुआ है.
पांकी-बालूमाथ रोड नक्सलियों के कॉरिडोर में मौजूद है. 55 किलोमीटर का यह रोड घने जंगल और पहाड़ियों से होकर गुजरता है. पांकी-बालूमाथ रोड पर ताल घाटी और कारिमाटी घाटी मौजूद है. दोनों घाटियों में कई बड़े नक्सल हमले एवं आपराधिक घटनाएं भी हो चुकी हैं. दोनों घाटियों में नक्सलियों के साथ कई बार मुठभेड़ भी हुई है. जबकि नक्सलियों ने कई बार लैंड माइंस विस्फोट किया है और वाहनों को आग के हवाले किया है. हालंकि 2018 के बाद इस रोड पर नक्सल हमले बेहद कम हुए हैं, जबकि कई बार लूटपाट की घटना हुई है.
रोड की हालत काफी जर्जर हो गई है. दुर्घटना की आशंकाएं बनी हुई है, जबकि छोटी-मोटी दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं. रोड पर बने डायवर्सन और गड्ढे से लोग परेशान हैं:- अजित कुमार, ग्रामीण
दुर्घटना से लगातार मौत हो रही है. सप्ताह, 15 दिन में एक व्यक्ति की मौत हो जाती है. पांकी-बालूमाथ रोड की हालत जर्जर हो गई है. सरकार और जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. दुर्घटना में मौत होने पर सिर्फ सांत्वना दी जा रही है, लेकिन उस पर कोई भी पहल नहीं की जा रही है. जल्द से जल्द रोड का निर्माण किया जाए:- पंचम प्रसाद, प्रमुख, पांकी
विधानसभा में उठा है मामला, सरकार से की गई रोड बनाने की मांग
पांकी-बालूमाथ रोड का मामला विधानसभा में भी उठा है. पांकी के विधायक डॉक्टर शशिभूषण मेहता ने बताया रोड की हालत वाकई खराब हो गई है. पूरे मामले को विधानसभा में उठाया गया है. सरकार से रोड बनाने की मांग भी की गई है. उम्मीद है जल्द ही रोड की मरम्मत और निर्माण कार्य किया जाएगा. विधायक ने कहा कि सरकार को भी ध्यान देने की जरूरत है कि रोड जर्जर क्यों हो जा रहे हैं. दरअसल पांकी बालूमाथ रोड हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद के इलाके को यह रोड पलामू और बिहार से जोड़ता है. जबकि पलामू के लोग झारखंड के कई इलाकों में जाने के लिए इसी रोड का इस्तेमाल करते है.
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