दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने हिला कर रख दिया है. पालम मेट्रो स्टेशन के पास राम चौक बाजार के पास स्थित एक बहुमंजिला रिहायशी बिल्डिंग में लगी आग में एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत नौ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए.
बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर कपड़ों और कास्मेटिक के दुकान थे, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर बिल्डिंग के मालिक राजेंद्र कश्यप का परिवार रहता था. सुबह करीब 6:30 बजे एक फूल विक्रेता ने बिल्डिंग से धुआं उठता देखा और आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी. पुलिस को घटना की जानकारी सुबह 7:04 बजे मिली, जिसके बाद तत्काल टीम मौके पर पहुंची.
40 लोगों ने दुकान का शटर तोड़ा
आग तेजी से फैलने के कारण इमारत में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए दीवार और खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की. करीब 40 लोगों ने मिलकर दुकान का शटर तोड़ा, लेकिन धुआं और तेज लपटें बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन गईं.
प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि दमकल विभाग की शुरुआती कार्रवाई में तकनीकी खामियां सामने आईं. लोगों का कहना है कि मौके पर पहुंची पहली दमकल गाड़ी के उपकरण ठीक से काम नहीं कर रहे थे और हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी के कारण करीब 45 मिनट तक राहत कार्य प्रभावित रहा. दूसरी दमकल गाड़ी को पहुंचने में भी लगभग 50 मिनट का समय लगा, जिससे हालात और बिगड़ गए.
पड़ोसी ने तोड़ी दीवार
एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि उन्होंने पड़ोसी इमारत की छत से अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन धुएं के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. पड़ोसी ने मिलकर साझा दीवार तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन धुआं और लपटें देखकर डर लोग अंदर नहीं जा सके. वहीं, एक पुलिसकर्मी ऊपर रेलिंग पकड़कर बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर पर जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह भी नहीं जा सका.
डेढ़ साल की बेटी के साथ कूदा पिता
इस बीच, जान बचाने के लिए एक व्यक्ति को अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ तीसरी मंजिल से छलांग लगानी पड़ी. इस हादसे में बच्ची के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए, जबकि पिता के सिर में गंभीर चोट आई. दोनों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत में ज्वलनशील सामग्री अधिक मात्रा में रखी गई थी, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया. साथ ही, भवन में केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल सके. घटना के बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें पुलिस, दमकल विभाग, बीएसईएस, वायु सेना पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें शामिल रहीं. करीब 30 दमकल गाड़ियों और 11 एंबुलेंस की मदद से आग पर काबू पाया गया. फिलहाल, अधिकारियों ने आग लगने के कारणों के साथ-साथ बचाव कार्य में देरी और उपकरणों की खराबी के आरोपों की जांच शुरू कर दी है.
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