चंडीगढ़: हरियाणा में मेडिकल आफिसर के 450 पदों के लिए अब इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर भी आवेदन कर सकेंगे। हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। साथ ही आवेदन करने की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है।
अब आवेदक 22 जनवरी तक अपने आवेदन जमा कर सकेंगे। पहले यह तिथि सात जनवरी निर्धारित की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक इंटर्नशिप कर रहे सभी उम्मीदवार लिखित परीक्षा में बैठने के पात्र हैं बशर्ते वे 30 अप्रैल, 2026 तक स्थायी पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा कर दें। लिखित परीक्षा 15 फरवरी को आयोजित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय कोविड-19 से प्रभावित एमबीबीएस छात्रों के अंतिम बैच की ओर से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के बाद लिया है। हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले डॉक्टरों का शैक्षणिक सत्र कोविड महामारी की वजह से प्रभावित हुआ था।
कोरोना की वजह से उनका पाठ्यक्रम देरी से शुरू हुआ था। इन डॉक्टरों का पाठ्यक्रम मई 2020 में शुरू होना था मगर महामारी की वजह से दिसंबर 2020 तक शुरू नहीं हो सका। परिणामस्वरूप सभी पाठ्यक्रम पूर्ण करने की समय सीमा आगे बढ़ा दी गई। याचिकाकर्ता डॉक्टरों की एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी हो गई है और उन्हें चार मार्च 2025 तक वैध अनंतिम पंजीकरण प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए थे।
स्वास्थ्य विभाग ने 2022 में अपने पिछले भर्ती अभियान में अनिवार्य इंटर्नशिप कर रहे प्रभावित डॉक्टरों को रियायत देते हुए स्थायी पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा करने की अनुमति अप्रैल 2022 के मध्य तक दी थी हालांकि यह अनुमति ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि के काफी बाद मिली।
याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय को बताया कि उनका बैच कोविड-19 से प्रभावित होने वाला अंतिम बैच था और वे हाल के मामलों में दी गई रियायत के समान रियायत की मांग कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग ने 450 डॉक्टरों के पद निकाले हैं। ये सभी पद मेडिकल आफिसर के हैं। अप्रैल तक इनकी नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया है।
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