नई दिल्ली: देशभर में चर्चित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee on Education) ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को आगामी 21 मई को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। गुरुवार को होने वाली इस अत्यंत महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक में देश की परीक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुधारों और अब तक हुई जांच की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, इस अहम बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह करेंगे। बैठक में NTA प्रमुख (Director General) के अलावा शिक्षा मंत्रालय के कई शीर्ष अधिकारियों को समिति के समक्ष पेश होकर जवाब देना होगा।
📋 के राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर होगा मंथन: परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की कवायद
संसदीय समिति आगामी 3 मई 2026 को रद्द हुई NEET-UG परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के मामले की जांच की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा करेगी। इसके साथ ही, भविष्य में देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने पर भी व्यापक मंथन होगा। बैठक के एजेंडे में शिक्षा मंत्रालय और NTA द्वारा गठित की गई डॉ. के राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को धरातल पर लागू करने की स्थिति की समीक्षा करना भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य फोकस NTA के संगठनात्मक ढांचे में बड़े सुधार करना, परीक्षा प्रक्रिया की खोई हुई विश्वसनीयता को वापस लाना और देश के करोड़ों छात्रों व अभिभावकों का भरोसा सरकारी सिस्टम पर फिर से बहाल करना रहेगा।
❓ आखिर क्यों इतनी अहम समझी जा रही है यह बैठक?: 22 लाख छात्रों के भविष्य और भरोसे का है सवाल
NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद संसदीय समिति द्वारा अचानक बुलाई गई यह बैठक भारतीय शिक्षा जगत के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। परीक्षा की शुचिता पर लगातार उठ रहे तीखे सवालों के बीच केंद्र सरकार और संसदीय दल परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह अभेद्य और सुरक्षित बनाने की कोशिश में जुटे हैं। गौरतलब है कि मई महीने में हुए पेपर लीक घोटाले के कारण देश के लगभग 22 लाख बच्चों की सालों की कड़ी मेहनत और डॉक्टरों बनने के सपने पर पानी फिर गया था। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद से चिकित्सा क्षेत्र के छात्रों का राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है, जिसे वापस लाना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
📅 21 जून को आयोजित होगी NEET-UG की दोबारा परीक्षा: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुफिया एजेंसियों के साथ की हाई-लेवल बैठक
इस बीच, प्रभावित छात्रों के लिए राहत की बड़ी खबर यह है कि नीट की परीक्षा आगामी 21 जून 2026 को फिर से (Re-Exam) आयोजित होने जा रही है। NEET-UG री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कानून-व्यवस्था, साइबर सेल और देश की प्रमुख खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) के आला अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल रिव्यू बैठक की। शिक्षा मंत्री ने एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी परीक्षा को शत-प्रतिशत सुरक्षित, निष्पक्ष, लीक-प्रूफ और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए। इस समन्वय बैठक में शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी भी शामिल हुए, जहां परीक्षा से पहले किसी भी तरह की डिजिटल या फिजिकल गड़बड़ी को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों और पुरानी कमियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
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