अलवर: डॉक्टर बनने का सपना लिए दिल्ली में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही अलवर जिले के भनोखर गांव की 18 वर्षीय छात्रा रेणु मीणा ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। इस हृदयविदारक घटना से न केवल उसके परिवार में कोहराम मच गया है, बल्कि पूरे भनोखर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
📚 पढ़ाई में अव्वल थी रेणु
परिजनों के अनुसार, रेणु पढ़ाई में बेहद प्रतिभाशाली थी। उसने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे। उसका एकमात्र लक्ष्य मेहनत करके डॉक्टर बनना और समाज की सेवा करना था। वह अपने भाई-बहनों के साथ दिल्ली में रहकर रोजाना घंटों लाइब्रेरी में कड़ी मेहनत करती थी। 14 जून की शाम भी वह लाइब्रेरी से पढ़ाई करके ही घर लौटी थी, लेकिन कमरे में जाने के बाद जो हुआ, उसने सबको झकझोर कर रख दिया।
🧠 मानसिक तनाव और NEET विवाद की चर्चा
घटना के बाद से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। बताया जा रहा है कि हाल ही में नीट परीक्षा को लेकर देश भर में चल रहे विवादों और अनिश्चितताओं के कारण रेणु काफी मानसिक तनाव में थी। हालांकि, पुलिस द्वारा अभी आत्महत्या के वास्तविक कारणों की गहन जांच की जा रही है।
📢 प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का रुख
भरतपुर की सांसद संजना जाटव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यदि परीक्षा संबंधी परिस्थितियों या तनाव के कारण छात्रा ने यह कदम उठाया है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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