लातूर: महाराष्ट्र के लातूर जिले से शिक्षा प्रणाली और परीक्षा के बढ़ते मानसिक दबाव को उजागर करने वाली एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ लातूर तालुका के गोंडेगांव गांव में नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रही एक 18 वर्षीय छात्रा ने गहरे मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया। बेटी की इस अकाल मृत्यु के बाद पीड़ित पिता अशोक विट्ठल सोनवणे ने भारी मन से गेटगांव पुलिस स्टेशन पहुंचकर घटना की आधिकारिक सूचना दी और अपना लिखित बयान दर्ज करवाया। पिता अशोक ने पुलिस को रोते हुए बताया कि उनकी होनहार बेटी मैथिली ने इसी साल 12वीं की बोर्ड परीक्षा 51.50 प्रतिशत अंकों के साथ सफलतापूर्वक पास की थी।
मैथिली का बचपन से ही डॉक्टर बनने का एक बड़ा सपना था। अपने और परिवार के इस सुनहरे सपने को पूरा करने के लिए वह दिन-रात कड़ी मेहनत करके नीट परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी। इसके साथ ही उसने सीईटी (CET) परीक्षा भी दी थी। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर नीट पेपर लीक घोटाले का बड़ा मामला सामने आने और उसके बाद परीक्षा रद्द होने की खबरों के परिणाम स्वरूप मैथिली गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन (Depression) में चली गई थी। पिता ने बताया कि वह लगातार अपने भविष्य को लेकर चिंता जाहिर करती रहती थी और अक्सर अवसाद में कहती थी कि— “मैंने इतनी अच्छी पढ़ाई की थी और मेरा पेपर भी बहुत अच्छा गया था, लेकिन अब परीक्षा रद्द होने के बाद मेरा क्या होगा? क्या मैं कभी डॉक्टर बन पाऊंगी?”
🌳 सुबह खेत में नीम के पेड़ से लटका मिला मैथिली का शव: मुरुड के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, 16 मई की सुबह करीब 8:30 बजे जब मैथिली काफी देर तक घर के अंदर दिखाई नहीं दी, तो परिवार वालों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद मैथिली अपने ही खेत में एक नीम के पेड़ से संदिग्ध परिस्थितियों में लटकी हुई पाई गई। उसने आत्मघाती कदम उठाने के लिए अपने ही दुपट्टे का इस्तेमाल फंदा बनाने के लिए किया था।
बदहवास परिजन तुरंत उसे फंदे से नीचे उतारकर इलाज के लिए मुरुड के नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन वहां तैनात डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद उसे अस्पताल पहुंचने से पहले ही ‘मृत’ घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही गेटगांव पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद गोंडेगांव में गमगीन माहौल के बीच उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पिता अशोक सोनवणे ने पुलिस को दिए बयान में स्पष्ट किया है कि बेटी परीक्षा के कारण तनाव में थी, उन्हें इस मामले में किसी पर कोई शक या शिकायत नहीं है।
💔 कर्नाटक के कलबुर्गी में भी नीट छात्रा ने किया सुसाइड: 18 वर्षीय मेधावी भाग्यश्री ने अपार्टमेंट में लगाई फांसी
नीट परीक्षा का यह जानलेवा खौफ सिर्फ महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में भी 18 साल की एक अन्य छात्रा द्वारा आत्महत्या करने का एक और दुखद मामला सामने आया है। मृत छात्रा की पहचान भाग्यश्री के रूप में हुई है, जिसने कुछ ही हफ्ते पहले NEET-UG 2026 की परीक्षा दी थी और वह भी डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना संजोए हुए थी। भाग्यश्री पढ़ाई में बेहद मेधावी थी और उसने हाल ही में अपने प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) यानी 12वीं की परीक्षा में शानदार 92% अंक हासिल किए थे।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, भाग्यश्री ने अपने अपार्टमेंट के बंद कमरे के अंदर फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना की भनक लगते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पूरे कमरे की गहन तलाशी ली। हालांकि, घटनास्थल से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच शुरू कर दी है। इन दोनों लगातार हुई घटनाओं के बाद देश के छात्र संगठनों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और सरकार से छात्रों की मानसिक काउंसलिंग कराने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग तेज कर दी है।
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