राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब नाटो से अमेरिका की जिम्मेदारी धीरे-धीरे कम कर रहे हैं. ट्रंप की इस पहल को लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. जिसके लिए अमेरिकी सूत्रों का कहना है कि अमेरिका यूरोप में नाटो के कई कमांडरों के पद यूरोपीय देशों को दे देगा. यह जानकारी सोमवार को राजनयिक सूत्रों से मिली है. बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से अपने रक्षा खर्च का वित्तीय बोझ सहयोगी देशों के साथ साझा करने की दिशा में उठाया गया कदम होगा.
खबरों के मुताबिक इस दिशा में एक व्यावहारिक कदम उठाते हुए अमेरिका नाटो की नेपल्स कमान इटली को सौंपी जाएगी. यह कमान दक्षिणी यूरोप के मामलों की देखरेख करती है. वहीं अमेरिका ने उत्तरी यूरोप की रक्षा की कमान ब्रिटेन को सौंपने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है.
इस दौरान अमेरिका यूनाइटेड किंगडम में समुद्री कमान संभालेगा. यह कमान यूनाइटेड किंगडम से संबंधित है. यह उल्लेखनीय है कि नाटो में कमांडरों के बदलाव पर यह रिपोर्ट मूल रूप से एक फ्रांसीसी पत्रिका, ला लेटर द्वारा दी गई थी. हालांकि, यह कहा गया था कि इन मामलों को अंतिम रूप देने में कई महीने लग सकते हैं.
जिम्मेदारी में बदलाव एक अच्छा संकेत
एक राजनयिक ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी में बदलाव एक अच्छा संकेत है, क्योंकि अमेरिका पहले ही कह चुका है कि वह नाटो के खर्च का भार यूरोपीय सहयोगियों पर डालेगा, ताकि वह चीन से बढ़ते खतरों पर ध्यान केंद्रित कर सके. हालांकि, नाटो में केंद्रीय भूमिका अमेरिका के पास ही रहेगी. इस बीच यूक्रेन में रूसी युद्ध के बाद से यूरोपीय देशों ने रक्षा खर्च में वृद्धि की है और आने वाले साल में रक्षा बजट को और बढ़ाने का लक्ष्य रखा है.
ग्रीनलैंड पर खफा यूरोपीय देश
वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी महत्वाकांक्षाओं को उजागर करके यूरोपीय देशों को झकझोर दिया है. नाटो में अमेरिकी राजदूत मैथ्यू व्हिटेकर ने सोमवार को एक अलग बयान में कहा कि अमेरिका नाटो को मजबूत करना चाहता है. इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका नाटो को खत्म करना चाहता है. अपने 32 सदस्यों के साथ यह पहले से भी ज्यादा मजबूत होगा.
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