National Child Health Program: गंभीर बीमारियों से लड़ रहे बच्चों को मिला जीवनदान; धनबाद प्रशासन की अनूठी पहल

झारखण्ड

धनबाद: उपायुक्त आदित्य रंजन के मार्गदर्शन में जिले में ‘राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ (RBSK) एक वरदान साबित हो रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जन्मजात विकृतियों से जूझ रहे बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। अब तक 108 बच्चों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 98 बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं।

📊 उपचार का विवरण: बीमारियों से जंग

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, चिन्हित बच्चों की स्थिति इस प्रकार थी:

  • जन्मजात हृदय रोग: 68 बच्चे (सत्य साईं हॉस्पिटल, रायपुर एवं अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि में उपचार)।

  • कटे होंठ एवं तालु (क्लेफ्ट लिप): 12 बच्चे (देवकमल हॉस्पिटल, रांची में इलाज)।

  • क्लब फुट (टेढ़े पैर): 18 बच्चे (Cure India के सहयोग से एस.एन.एम.एम.सी.एच., धनबाद में सफल उपचार)। शेष 10 बच्चों की स्थिति पर विभाग लगातार नजर बनाए हुए है और वे फॉलो-अप प्रक्रिया में हैं।

🌍 प्रतिष्ठित संस्थानों से मिला निःशुल्क इलाज

जिला प्रशासन ने इन बच्चों को देश के चुनिंदा और प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से जोड़कर उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया है। प्रशासन की इस संवेदनशीलता के कारण न केवल बच्चों को एक स्वस्थ भविष्य मिला है, बल्कि उनके परिवारों को भी भारी आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव से बड़ी राहत मिली है।

🚀 प्रशासन की प्राथमिकता: हर बच्चा स्वस्थ

जिला प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि यदि जन्मजात बीमारियों की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए, तो उनका उपचार संभव है। इस पहल के माध्यम से धनबाद प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बच्चे का इलाज न रुके। नियमित मॉनिटरिंग और विशेषज्ञ परामर्श के जरिए बच्चों को एक बेहतर जीवन देने का प्रयास निरंतर जारी है।

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