Mumbai Mayor Action: मुंबई की मेयर बनते ही एक्शन में ऋतु तावड़े, अवैध बांग्लादेशियों और फर्जी दस्तावेजों पर बड़ी कार्रवाई

महाराष्ट्र

रितु तावड़े ने मेयर बनते ही रितु तावड़े ने अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मेयर रितु तावड़े ने एक बैठक की और उसमें कहा कि हेल्थ डिपार्टमेंट को एक महीने के अंदर मुंबई में गैरकानूनी तरीके से रहने वाले नागरिकों को जारी किए गए 237 फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जब्त करने चाहिए और फेरीवालों के बर्थ सर्टिफिकेट की भी जांच करनी चाहिए.

मेयर रितु तावड़े ने कुछ दिन पहले फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट, खासकर बांग्लादेशी फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना इरादा जताया था. इस संबंध में बीएमसी नगर निगम हेडक्वार्टर के मेयर हॉल में संबंधित अधिकारियों की एक रिव्यू मीटिंग रखी गई थी.

इस मौके पर डिप्टी मेयर संजय घाडी, BJP ग्रुप लीडर गणेश खनकर, पूर्व MP किरीट सोमैया, कॉर्पोरेटर निल सोमैया, प्रकाश गंगाधर, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (वेस्टर्न सबर्ब्स) डॉ. विपिन शर्मा, डिप्टी कमिश्नर (पब्लिक हेल्थ) शशरद उधे, एग्जीक्यूटिव हेल्थ ऑफिसर डॉ. दक्षा शाह के साथ-साथ संबंधित तहसीलदार, लाइसेंसिंग डिपार्टमेंट और पुलिस डिपार्टमेंट के संबंधित अधिकारी मौजूद थे.

फर्जी सर्टिफिकेट किए जा रहे कैंसिल

हेल्थ डिप्टी कमिश्नर पब्लिक शरद उधे ने बताया कि पोर्टल पर 237 सर्टिफिकेट कैंसिल कर दिए गए हैं. हालांकि, मेयर ने गैर-कानूनी तरीके से सर्टिफिकेट बांटने वाले संबंधित डॉक्टरों और संबंधित हेल्थ अधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने का भी निर्देश दिया है. अब तक 8 लोगों के खिलाफ क्रिमिनल एक्शन लिया जा चुका है.

मेयर ने बाकी लोगों के खिलाफ भी सोमवार से एक्शन लेने का निर्देश दिया है. देरी से मिले बर्थ सर्टिफिकेट के मामले में 21 दिन बाद बांटे गए और उन्होंने इनकी दोबारा जांच की मांग की है. 2 मेडिकल ऑफिसर को सस्पेंड किया गया है और दूसरों के खिलाफ एक्शन लिया गया है. उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 के बाद के सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच की जाएगी.

शुरुआत में पूर्व MP किरीट सोमैया ने मांग की कि नकली बर्थ सर्टिफिकेट जब्त करके संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया जाए. मेयर ने निर्देश दिया कि शहर में फेरीवालों का रजिस्ट्रेशन, उनके लाइसेंस, पहचान पत्र और रहने के कागज़ात तुरंत चेक किए जाएं. मेयर ने यह भी निर्देश दिया कि मुंबई में फेरी लगाने वालों के आधार कार्ड और दूसरे सरकारी पहचान पत्रों की सख्ती से जांच की जाए, और जिनके पास गैर-कानूनी कागजात हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.

नगर निगम और पुलिस डिपार्टमेंट में बढ़ें तालमेल

मेयर ने यह भी निर्देश दिया कि इस बारे में नगर निगम और पुलिस डिपार्टमेंट के बीच तालमेल बढ़ाया जाए, पिछले कुछ सालों में मुंबई में फेरीवालों की बड़ी संख्या और उनके बीच गैर-कानूनी तरीके से विदेशी नागरिकों के रहने और कारोबार करने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. उन्होंने कहा कि इससे लोकल फेरीवालों पर पैसे का दबाव बढ़ा है और कुछ इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं.

फुटपाथ पर भीड़, अतिक्रमण और गैर-कानूनी कारोबार कानून-व्यवस्था की समस्याएं पैदा कर रहे हैं. इस पृष्ठभूमि में मेयर रितु तावड़े ने साफ किया कि बृहन्मुंबई नगर निगम अतिक्रमण हटाने और नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अलग-अलग वार्डों में कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया.

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