Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बड़ी कामयाबी; भरूच में रेलवे ट्रैक के ऊपर 130 मीटर लंबा स्टील ब्रिज लॉन्च

गुजरात

भरूच: भारत के पहले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर यानी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट (Bullet Train Project) में एक और बड़ी और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल हुई है। गुजरात के भरूच जिले के ट्रालसी गांव के पास सक्रिय भारतीय रेलवे ट्रैक के ठीक ऊपर 130 मीटर लंबा विशालकाय स्टील ब्रिज सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया है। यह इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना है क्योंकि यह पुल पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के सूरत-वडोदरा सेक्शन में व्यस्त डीएफसीसी ट्रैक को पार कर रहा है। इससे पहले मार्च 2026 में 100 मीटर लंबे दूसरे स्पैन को निर्माण स्थल पर ही क्रू द्वारा तैयार किया गया था।

🏗️ 2900 मीट्रिक टन है इस भारी-भरकम स्टील स्पैन का वजन: कुल 330 मीटर लंबे ब्रिज का 230 मीटर हिस्सा बनकर तैयार

यह विशेष पुल कुल 330 मीटर लंबा है, जिसमें 100+130 मीटर का एक कंटीन्यूअस (सतत) स्पैन और 100 मीटर का एक अलग स्पैन शामिल किया गया है। इस लॉन्चिंग के साथ ही अब तक कुल 330 मीटर में से 230 मीटर स्टील ब्रिज का मुख्य ढांचागत काम पूरा हो चुका है। 130 मीटर लंबे इस भारी हिस्से को 16 मई 2026 को सफलतापूर्वक अपनी सही पोजीशन पर लॉन्च किया गया। जमीन से करीब 18 मीटर ऊंचे और 15.5 मीटर चौड़े इस स्टील स्पैन का कुल वजन लगभग 2900 मीट्रिक टन है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, अब बाकी बचे 100 मीटर लंबे हिस्से का निर्माण भी वहीं ऑन-साइट किया जाएगा। पूरा पुल तैयार होने के बाद इसका संचयी कुल वजन करीब 6100 मीट्रिक टन होगा।

🔩 100 साल तक टिकी रहेंगी ये हाई-टेक संरचनाएं: 1.21 लाख हाई स्ट्रेंथ बोल्ट और ऑटोमैटिक पुशिंग सिस्टम का हुआ इस्तेमाल

गुजरात के उमरगांव स्थित आधुनिक कार्बन फैक्ट्री वर्कशॉप में निर्मित इन विशिष्ट स्टील ब्रिजों की कार्य अवधि (उम्र) लगभग 100 वर्षों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई है। 130 मीटर लंबे इस नवनिर्मित हिस्से को मजबूती देने के लिए इसमें करीब 1.21 लाख हाई स्ट्रेंथ बोल्ट लगाए गए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे जमीन से 14 मीटर की ऊंचाई पर एक अस्थाई हैवी ढांचे पर तैयार किया गया था और फिर खास अत्याधुनिक ऑटोमैटिक पुशिंग सिस्टम की मदद से धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया। ब्रिज लॉन्चिंग की जटिल प्रक्रिया के दौरान मालगाड़ी ट्रैक पर विशेष ब्लॉक और ट्रैफिक व्यवस्था की गई थी, ताकि फ्रेट ट्रेनों की आवाजाही पर कम से कम असर पड़े और निर्माण कार्य बिना किसी खतरे के सुरक्षित तरीके से पूरा हो सके।

🚅 गुजरात में 17 में से 14 स्टील ब्रिजों का निर्माण पूरा: सूरत से बिलिमोरा के बीच सबसे पहले दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन

उल्लेखनीय है कि पूरे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर रूट पर कुल 28 बड़े स्टील ब्रिज बनाए जाने की योजना है। इस योजना के अंतर्गत गुजरात राज्य के हिस्से में आने वाले कुल 17 स्टील ब्रिजों में से 14 का काम रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट में गुजरात का सूरत से बिलिमोरा सेक्शन सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश में बुलेट ट्रेन सबसे पहले इसी हिस्से पर व्यवसायिक रूप से चलाई जाएगी। वर्तमान में इस रूट पर बुनियादी सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर का काम 90 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है।

⏱️ 320 किमी/घंटे की रफ्तार से तय होगा सफर: अगले साल 15 अगस्त पर देशवासियों को मिल सकती है बुलेट ट्रेन की बड़ी सौगात

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करते हुए अगले साल 15 अगस्त के पावन अवसर पर बुलेट ट्रेन को ट्रैक पर दौड़ाने की बात कही है। सार्वजनिक परिचालन से ठीक पहले गुजरात के इस रूट पर बुलेट ट्रेन का व्यापक और कड़ा सुरक्षा ट्रायल रन (Trial Run) आयोजित किया जाएगा। सूरत से बिलिमोरा के बीच मुख्य ट्रैक बिछाने का काम पूरा होने के बाद अब इस पर ओवरहेड इक्विपमेंट (OSE), नॉइज बैरियर (ध्वनि अवरोधक) और सिग्नलिंग के दूसरे तकनीकी काम युद्धस्तर पर पूरे किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि इसी विशेष हिस्से का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं ग्राउंड निरीक्षण किया था। इस पूरे 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट पर कुल 12 अत्याधुनिक स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जहां ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़कर यात्रियों का समय बचाएगी।

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