संकट में मुगलकालीन कुंडी भंडारा, कुंडी नंबर 35 धंसी, लिफ्ट बंद होने से टूरिस्ट निराश

मध्य प्रदेश

बुरहानपुर: उपनगर लालबाग की सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला में विश्व प्रसिद्ध कुंडी भंडारा मौजूद है. जो 411 साल पुरानी भूमिगत जल वितरण प्रणाली है. यह कुंडी भंडारा उस जमाने में बुरहानपुर की शान और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक थी. इसका निर्माण सूबेदार अब्दुल रहीम खान ए खाना ने सन 1615 ईसवी में कराया था. लेकिन अब कुंडी भंडारा प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो रहा है. आलम यह है कि कुंडियों की स्थिति दयनीय हो रही है.

कुंडी नंबर 35 धंसी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मुगलकालीन इस अद्भुत जल संरचना की हालत बदतर हो रही है. जिससे इसकी ऐतिहासिक और पर्यटनात्मक पहचान को नुकसान पहुंच रहा है. हाल ही में कुंडी नंबर 35 धंस चुकी है. इसके बाद नगर निगम ने कुंडी भंडारा की लिफ्ट बंद करा दी. इससे पर्यटक कुंडियों के नीचे उतरकर इस प्रणाली को देख नहीं पा रहे हैं, जबकि यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. लेकिन लिफ्ट बंद होने के कारण अब पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं. शुक्रवार की दिशा बैठक में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कुंडी की मरम्मत व लिफ्ट शुरू कराने के निर्देश दिए हैं.

भूमिगत जल वितरण है कुंडी भंडारा
कुंडी भंडारा करीब 411 साल पुराना भूमिगत जल वितरण है, जो आज भी जीवंत हैं. यहां पूरे सालभर पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता है. खास बात यह है कुंडी भंडारा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. लेकिन वर्तमान हालात ऐसे हैं कि यहां आने वाले पर्यटक इस प्रणाली को करीब से बिना निहारे ही निराश होकर लौटने को मजबूर हैं. जिला प्रशासन की अनदेखी पर अब सवाल उठने लगे हैं.

लोगों ने की मरम्मत की मांग
स्थानीय नागरिक प्रीतम महाजन ने कहा कि, ”यदि समय रहते संरक्षण और मरम्मत के प्रयास किए जाते, तो यह अमूल्य धरोहर इस हालत में नहीं पहुंचती. कई बार शिकायतें और ज्ञापन दिए गए, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. अब जल्द से जल्द कुंडी नंबर 35 की मरम्मत की जाए, ताकि पर्यटकों के लिए कुंडी भंडारा के दीदार दोबारा शुरू हो सकें. इससे देसी-विदेशी पर्यटकों को कुंडी भंडारा का इतिहास जानने का अवसर मिलेगा.”

स्थानीय नागरिक तस्लीम चौधरी ने बताया कि, ”कुंडी भंडारा की कुंडी नंबर 35 धंस गई है, इसका मलवा भूमिगत जल वितरण प्रणाली में गिरा है. इससे अन्य कुंडियों में जल स्तर बढ़ गया है. नगर निगम ने पर्यटकों को लिफ्ट से नीचे उतारना बंद कर दिया. जिससे न केवल पर्यटकों में नाराजगी है, बल्कि पर्यटकों की संख्या में कमी आई है.”

इंजीनियरिंग का कमाल है कुंडी भंडारा
इतिहासकार मोहम्मद नौशाद ने बताया कि, ”विश्व प्रसिद्ध कुंडी भंडारा केवल एक जल संरचना नहीं, बल्कि यह उस दौर की वैज्ञानिक सोच और इंजीनियरिंग का जीवंत उदाहरण है. जो बिना बिजली और आधुनिक तकनीक से पानी को शहर तक पहुंचाती है. इस संरचना के आगे आधुनिक युग की कारीगरी भी फीकी है. पर्यटकों की मांग को देखते हुए प्रशासन ने ठोस कदम उठाना चाहिए.”

इधर खंडवा-बुरहानपुर लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव को कुंडी की मरम्मत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दिशा बैठक के दौरान कहा कि, ”संबंधित अधिकारी कुंडी भंडारा की लिफ्ट भी शुरू कराए, ताकि पर्यटकों के पहले जैसी सुविधाएं मुहैया हो सके.” इस मामले में जब ईटीवी भारत ने निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव से फोन पर बात करना चाही तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry