भिंड: मध्य प्रदेश में जमकर चल रहे रेत के अवैध उत्खनन का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है. भिंड-दतिया लोकसभा सीट से सांसद संध्या राय ने सिंध नदी में चल रहे अवैध उत्खनन का मुद्दा प्रश्न कल के दौरान उठाया. लोकसभा सदन में बीजेपी सांसद संध्या राय ने अपनी बात रखते हुए कहा कि भिंड और दतिया दोनों ही जिलों से सिंध नदी गुजरी है, जहां जमकर अवैध उत्खनन कर प्रकृति व पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
प्रश्नकाल के दौरान उठा अवैध रेत खनन का मुद्दा
प्रश्न काल के दौरान सांसद ने सकहा कि सिंध नदी के किनारे का एक बड़ा हिस्सा वन विभाग के अंतर्गत भी आता है. सरकार वन और नदियों के संरक्षण के प्रयास कर रही है लेकिन आपराधिक तत्व इसी वन क्षेत्र के जरिए नदी से रेत खनन अवैध रूप से कर रहे हैं, जिसकी वजह से पर्यावरण को भी खासा नुकसान पहुंच रहा है.
केंद्रीय वन एवं पर्यवरण राज्य मंत्री ने स्वीकारा नुकसान
बीजेपी सांसद ने इस दौरान केंद्र सरकार से भी अवैध खनन पर ठोस कदम उठाने की मांग की है. वहीं उनके प्रश्न पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भी नदियों में हो रहे अवैध रेत का उत्खनन की वजह से नदी के किनारे और पर्यावरण को होने वाले नुकसान की बात स्वीकारी, साथ ही कहा कि, सरकार वन और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
प्रशासन पर हावी माफिया!
ग्वालियर चंबल अंचल से गुजरी सिंध नदी पर रेत उत्खनन के लिए सरकारी उत्खनन व्यवस्था नहीं है. वर्तमान में रेत खदानों के ठेके न होने से रेत माफिया सिंध नदी का सीना छलनी कर अवैध रूप से रेत का खनन और परिवहन कर रहे हैं. और भिंड दतिया जिलों में अवैध खनन की कई कार्रवाई के बावजूद रेत माफिया शासन प्रश्न को राजस्व का चूना लगा रहे हैं.
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नर्मदा को भी नुकसान पहुंचा रहे रेत माफिया
ये हालात मध्य प्रदेश में केवल भिंड के नहीं हैं. मध्य प्रदेश की सबसे प्रमुख नदी जीवनदायिनी नर्मदा को भी रेत माफिया दशकों से नुकसान पहुंचा रहे हैं. आज भी नर्मदा तट से लगे शहरों में चोरी-छिपे जमकर अवैध रेत उत्खनन कर शासन-प्रशासन को चूना लगाया जा रहा है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित होती रही है.
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