MP Road Accidents: मध्य प्रदेश में हर दिन 283 लोग हो रहे सड़क हादसों का शिकार; 108 एंबुलेंस की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

मध्य प्रदेश

भोपाल: मध्य प्रदेश की सड़कों पर बढ़ती तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी अब जानलेवा साबित हो रही है। 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट ने प्रदेश की यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल (मई 2025 से 2026 तक) में राज्य में 1 लाख 3 हजार 294 लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए हैं।

📊 हादसों में युवाओं की बढ़ती तादाद

आंकड़े बताते हैं कि इन दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा शिकार प्रदेश का युवा वर्ग है। लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण युवा अपनी जान गंवा रहे हैं:

  • 16 से 30 वर्ष आयु: 61 प्रतिशत

  • 31 से 45 वर्ष आयु: 24 प्रतिशत

  • 46 से 60 वर्ष आयु: 9 प्रतिशत

  • अन्य आयु वर्ग: 6 प्रतिशत

🚑 ‘गोल्डन ऑवर’ में मदद का महत्व

108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने कहा कि उनकी टीम हर आपात स्थिति में ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के तुरंत बाद का समय) के भीतर पहुंचकर जान बचाने का निरंतर प्रयास करती है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में निजी वाहनों के बजाय 108 एंबुलेंस का ही उपयोग करें। एंबुलेंस में मौजूद जीवन रक्षक उपकरण और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज को प्राथमिक उपचार देने में सक्षम होते हैं।

💡 सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी जिम्मेदारी

सड़क दुर्घटनाओं के ये आंकड़े एक चेतावनी हैं कि सड़क पर कुछ सेकंड की लापरवाही किसी परिवार के लिए ताउम्र का दुख बन सकती है। मंजिल तक पहुंचना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी ‘सुरक्षित’ पहुंचना है। प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और रफ्तार की सनक से बचने की पुरजोर अपील की है।

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