मध्य प्रदेश: राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निर्वाचन अधिकारी द्वारा रद्द कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने नामांकन पत्र में तेलंगाना में दर्ज एक आपराधिक मुकदमे की जानकारी छिपाई थी। इस घटनाक्रम के बाद अब मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
⚖️ विवाद का कारण और प्रशासनिक कार्रवाई
भाजपा द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया था। दस्तावेजों की जांच में यह पाया गया कि फॉर्म अधूरा था और उसमें गंभीर खामियां थीं। तेलंगाना में दर्ज मामले की जानकारी न देना नामांकन खारिज होने का मुख्य आधार बना।
🗣️ बीजेपी नेताओं का बयान: ‘सच्चाई और न्याय की जीत’
इस घटना पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता राकेश सिंह ने इसे ‘सच्चाई और ईमानदारी की जीत’ बताया है। वहीं, प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “यह न्याय की जीत है। भाजपा लोकतंत्र में विश्वास रखती है। कांग्रेस की स्थिति इतनी खराब है कि उनके अपने ही लोग हमें जानकारी दे रहे हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव होते तब भी भाजपा ही जीतती।
🚩 कांग्रेस का पलटवार: ‘सत्ता बल के भरोसे राजनीति’
नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस नेता मयंक राम नारायन ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संख्या बल के बजाय सत्ता बल के भरोसे राजनीति कर रही है। कांग्रेस का दावा है कि जब उनके विधायक एकजुट दिखे, तो हार के डर से भाजपा ने नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की है।
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