इंदौर: मध्य प्रदेश में ई-व्हीकल पॉलिसी के बाद अब ई-चार्जिंग पॉलिसी भी बनेगी। इसे लेकर इंदौर नगर निगम की ओर से राज्य शासन को ई-चार्जिंग स्टेशन के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) से जुड़ा एक प्रस्ताव भेजा जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या के लिहाज से मध्य प्रदेश में इंदौर पहले नंबर पर है, जहां करीब 67 हजार इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। जबकि बड़ी संख्या में ऐसे इलेक्ट्रिक वाहन भी हैं जो पंजीयन की प्रक्रिया से मुक्त रखे गए हैं।
🚗 मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा ई-वाहन पंजीकृत
इंदौर शहर में बड़ी संख्या में अब इलेक्ट्रिक व्हीकल भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों को चार्ज करने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले चार्जिंग स्टेशन के उपयोग और दुरुपयोग के अलावा चार्जिंग के दौरान सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एक मसौदा तैयार हो रहा है। इंदौर नगर निगम प्रशासन के मुताबिक, इसी प्रस्ताव के आधार पर भविष्य में मध्य प्रदेश की ई-चार्जिंग पॉलिसी तैयार की जा सकेगी।
🔌 40 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित
महापौर पुष्यमित्र भार्गव बताते हैं, “इंदौर नगर निगम ने शहर में 40 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं। उनके उपयोग और ऑपरेटिंग प्रोसीजर को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा। इसके अलावा ई-चार्जिंग को लेकर मध्य प्रदेश में अलग से पॉलिसी होगी तो भविष्य के इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को लेकर नियमों और प्रक्रिया में एकरूपता लाई जा सकेगी। इसे लेकर एक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है।”
📋 ई-चार्जिंग पॉलिसी में ये बिंदु होंगे शामिल
ई-चार्जिंग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर, सुरक्षा और चार्जिंग की सही प्रक्रिया के लिए पॉलिसी की जरूरत महसूस की जा रही है। इसमें कई बिंदुओं का समावेश होगा। पार्किंग स्थिति के अलावा हैंडब्रेक और चार्जिंग के समय गाड़ी का स्विच ऑफ मोड में होना जरूरी है। इसके अलावा चार्जिंग केबल, प्लग और चार्जिंग सॉकेट का निरीक्षण जैसी प्रक्रिया भी शामिल होगी। स्टेशन में मोबाइल ऐप, कार्ड या क्यूआर (QR) कोड ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया भी जुड़ेगी। चार्जिंग की राशि और विवाद की स्थिति में कार्रवाई का मसौदा भी पॉलिसी में रहेगा।
⚠️ घरेलू बिजली से चार्ज हो रहे हैं वाहन
वर्तमान में अधिकांश वाहन घरेलू बिजली कनेक्शन से ही चार्ज किए जा रहे हैं। इस स्थिति में चार्जर द्वारा हाई पावर खींचने के कारण घरेलू विद्युत उपकरणों के खराब होने और शॉर्ट सर्किट होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसके अलावा आग लगने और धीमी चार्जिंग के कारण चार्जर के खराब होने की भी आशंका रहती है। हालांकि, बिजली कंपनियों द्वारा इसके लिए अलग कनेक्शन अथवा लोड चेक करने की सलाह दी जाती है, लेकिन अधिकांश मामलों में गाड़ियों को घरेलू बिजली पर ही चार्ज किया जा रहा है। बीते दिनों इंदौर में ऐसी ही एक घटना के दौरान घर में आग लगने से कई लोगों की मौत हो गई थी।
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