जालंधर के कपूरथला चौक पर जाली नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल जब्त: आरोपी युवक गिरफ्तार

पंजाब

जालंधर (पंजाब): शहर में चोरीशुदा मोटरसाइकिल पर जाली नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे एक युवक को थाना डिवीजन नंबर-2 की पुलिस ने कपूरथला चौक के समीप नाकेबंदी के दौरान गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम अब इस बात की कड़ियों को जोड़ने में लगी है कि मोटरसाइकिल वास्तव में कहां से चोरी हुई थी और इसका मूल स्वामी कौन है।

👮 कपूरथला चौक पर नाकेबंदी: ई-चालान मशीन से खुली जाली नंबर की पोल

जांच और गिरफ्तारी का विवरण:

  • पुलिस टीम की तैनाती: ट्रैफिक पुलिस में तैनात ए.एस.आई. (ASI) सुरेश कुमार, पुलिस जवान राकेश कुमार व मोहिंदर पाल तथा थाना डिवीजन नंबर-2 के ए.एस.आई. बलविंदर सिंह लुभाना द्वारा कपूरथला चौक के पास विशेष चेकिंग नाका लगाया गया था।

  • संदेह पर रोकी बाइक: नाकेबंदी के दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध मोटरसाइकिल चालक को रुकने का इशारा किया और वाहन के दस्तावेजों की जांच शुरू की।

  • ई-चालान से खुलासा: मोटरसाइकिल पर नंबर (PB 09 S 5147) दर्ज था। जब पुलिस अधिकारियों ने ई-चालान मशीन के डेटाबेस के जरिए नंबर का सत्यापन किया, तो रिकॉर्ड में यह नंबर पूरी तरह फर्जी एवं जाली पाया गया।

👤 आरोपी की पहचान: सोढल रोड स्थित प्रीत नगर में रहता है किराएदार

आरोपी का विवरण:

  • नाम व पता: पकड़े गए आरोपी की पहचान राज कमल (पुत्र जग्गू), मूल निवासी उत्तर प्रदेश तथा हाल निवासी किराएदार (हरी का मकान), प्रीत नगर, सोढल रोड, जालंधर के रूप में की गई है।

  • हिरासत में पूछताछ: फर्जी नंबर प्लेट की पुष्टि होते ही पुलिस ने युवक को तत्काल हिरासत में ले लिया और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया।

🔍 ₹20 हजार में दोआबा चौक से खरीदी थी बाइक: आगे बेचने की थी योजना

पुलिस पूछताछ और जांच के प्रमुख बिंदु:

  • आरोपी का बयान: ए.एस.आई. बलविंदर सिंह लुभाना ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने यह मोटरसाइकिल करीब ₹20,000 में दोआबा चौक के पास किसी अज्ञात व्यक्ति से खरीदी थी।

  • चोरी के वाहन का संदेह: पुलिस को मजबूत संदेह है कि यह वाहन चोरी का है और आरोपी ने पुलिस से बचने तथा इसे ऊंचे दामों पर किसी अन्य व्यक्ति को बेचने के मकसद से इस पर जाली नंबर प्लेट लगाई थी।

  • असली मालिक की तलाश: पुलिस वाहन के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उसके वास्तविक मालिक का पता लगाने और विक्रेता गिरोह की पहचान करने में जुटी है।

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